हमको भी गोद ले ले, हम रह गए अकेले !

जयापुर के पड़ोसी गांववासी

पिछले वर्ष की बात है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत वाराणसी के जयापुर गांव को गोद लिया था.

उन्होंने इस मौक़े पर कहा था, "मुझे उम्मीद है हमारे गांवों के निवासी अपनी उद्यमी क्षमता और कड़ी मेहनत के बल पर अपना भविष्य खुद बनाएंगे".

एक वर्ष भी नहीं हुआ है और जयापुर गांव की रंगत पूरी तरह बदल चुकी है.

लेकिन साथ ही जन्म ले चुकी है बहुत सारी ईर्ष्या भी, क्योंकि जयापुर के इर्द-गिर्द विकास के नाम पर कुछ भी ढूंढना असंभव सा लगता है.

तकलीफ़

जयापुर गांव से सटे हुए तमाम ऐसे दूसरे गांव भी हैं जहां न तो पक्की सड़क है और न ही वहां ठीक से बिजली आती है.

Image caption कचहरिया के भागीरथी पटेल (बाएं) कहते हैं प्रधानमंत्री ने दूसरे गांवों को अनाथ कर दिया.

वहीं जयापुर में तो सड़कों पर ऐसे सोलर लैम्प लग चुके हैं जिन्हें रात भर जगमगाने के लिए बिजली की ज़रूरत ही नहीं पड़ती.

पड़ोसी गांव कचहरिया में एक कच्ची मिट्टी की बनी चाय की दुकान पर कुछ लोग बैठे हैं.

इनमे से एक भागीरथी पटेल ने कहा, "हमें तो यही लगता है कि प्रधानमंत्री ने एक गांव को गोद लिया है तो दूसरों को अनाथ कर दिया है. हमने सोचा था कि मोदी जी की हवा से हमारे गांव का कुछ हरा-भला होगा लेकिन लगता है सब सपना ही था".

तुलना

जयापुर से ही सटा हुआ है महगांव, जहां की महिलाएं बताती हैं कि उनके घरों में इन दिनों बिजली मात्र पांच घंटे ही आती है.

Image caption जानकी देवी (दाएं) का कहना है कि दूसरे गांवों की महिलाओं के बारे में भी सोचा जाना चाहिए.

जानकी देवी पिछले 45 वर्षों से महगांव में रह रही हैं लेकिन अब उन्हें भी यहां रहने पर अफ़सोस हो रहा है.

उन्होंने कहा, "जयापुर तो बगल में ही है, सुना है वहां तो घरों के सामने ही विदेशी शौचालय लगाए गए हैं. दूसरे गांवों की महिलाओं के बारे में भी कोई सोच लेता तो ठीक ही होता".

जयापुर के अगल-बगल जो प्रमुख गांव है उनमें चंदापुर, गोटवां, पच्चैन, जक्खिनी और महगांव आते हैं.

ये गांव भी वाराणसी संसदीय क्षेत्र का हिस्सा हैं जिनके सांसद नरेंद्र मोदी ही हैं.

लेकिन दूसरे गांवों के लोग इस बात से खासे आहत दिखे कि सिर्फ़ एक ग्राम के विकास के चलते उससे सटे हुए ग्राम भुला दिए गए हैं जबकि चुनाव में सभी का वोट बराबर होता है.

Image caption बीजेपी नेताओं का कहना है कि अन्य गांवों का भी विकास होगा.

जयापुर की तरह न तो इन गांवों में सरकारी बैंकों को शाखाएं खुली हैं और न ही पोस्ट ऑफिस.

'हर जगह होगा विकास'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी के सदस्य जयापुर के अभूतपूर्व विकास का गुणगान करते नहीं थकते, लेकिन इस बात से इनकार भी करते हैं कि दूसरे भुला दिए गए हैं.

वाराणसी शहर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रविंदर जायसवाल का कहना है कि नरेंद्र मोदी के लिए पूरा वाराणसी ही संसदीय क्षेत्र है और विकास हर जगह होगा.

उन्होंने कहा, "जयापुर में विकास हुआ है यह बिलकुल सही बात है. मैं खुद वहां जाता रहता हूं. लेकिन दूसरे गांवों पर भी मोदी जी का ध्यान रहेगा और सभी को ये जल्द दिखाई भी देगा".

बहराल, जयापुर और बगल के दर्जनों गांवों का दौरा करने के बाद मुझे यही लगा है कि सांसदों को आदर्श ग्राम योजना के तहत गांवों की संख्या बढ़ाने की सख्त ज़रूरत है.

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