'कांग्रेस, भाजपा चाचा-भतीजा थे'

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दिल्ली सरकार ने बुधवार को विधानसभा में प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार के उस अधिसूचना को खारिज कर दिया है जिसमें उप-राज्यपाल के अधिकारों का ज़िक्र था.

सदन में बोलते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली के उप-राज्यपाल नजीब जंग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया था कि क़ानून व्यवस्था, सर्विसिज़ और ज़मीन के मामलों में उप-राज्यपाल को मुख्यमंत्री से सलाह लेने की ज़रूरत नहीं है.

लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है.

इसे मोदी सरकार के लिए झटका और केजरीवाल के लिए कामयाबी माना जा रहा था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले को ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

हमला

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बुधवार को दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला.

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में ट्रांसफ़र-पोस्टिंग की इंडस्ट्री को बंद कर दिया है. केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस पर इस कारोबार में मिलीभगत का आरोप लगाया.

केजरीवाल ने कहा, "जितने भ्रष्टाचारी लोग पैसे देकर बना करते थे वो सारे दौड़े दौड़े पहुँचे होम मिनिस्ट्री, वो सारे दौड़े दौड़े पहुँचे पीएमओ और पीएमओ और होम मिनिस्ट्री ने दखलअंदाजी करके कहा अब ट्रांसफ़र-पोस्टिंग हम ही किया करेंगे."

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी से पहले दिल्ली में 20 साल से भाजपा और कांग्रेस की सरकार चल रही थी और वो अपोजीशन का नाटक किया करते थे.

उन्होंने कहा, "कांग्रेस की सरकार में भाजपा वालों को भी ठेके मिला करते थे. भाजपा सरकार में कांग्रेस वालों को ठेके मिला करते थे. दोनों चाचा-भतीजा थे."

राष्ट्रपति से मुलाकात

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केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार भ्रष्‍टा‍चारियों को बचा रही है और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को खत्‍म करने की कोशिश कर रही है.

केजरीवाल ने विधान सभा में कहा कि दिल्ली सरकार ने जनता से वादे किए हैं और जनता को सरकार से उम्मीद है, न कि उप-राज्यपाल से.

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उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि विधानसभा में भाजपा के मात्र तीन विधायक बचे हैं.

उप-राज्यपाल के दिल्ली सरकार के कामकाज में कथित हस्तक्षेप पर केजरीवाल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात कर चुके हैं.

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