गूजर नेताओं और सरकार की बातचीत बेनतीजा

गूजर, राजस्थान

आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे गूजरों नेताओं और राजस्थान सरकार बीच बुधवार को हुई चौथे दौर की बातचीत बेनतीजा रही है.

बैठक के बाद गूजर नेताओं के प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने मीडिया से कहा कि सरकार से बातचीत बेनतीजा रही है और वो अपने नेताओं को इसकी जानकारी देंगे.

बैठक से बाहर आने के बाद हिम्मत सिंह गुस्से में नज़र आ रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है.

वहीं सरकार के प्रतिनिधि और राजस्थान के चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि बातचीत ठीक हुई है और बैठक में शामिल नेता अपने नेताओं तक सरकार का पक्ष पहुँचाएंगे.

राजेंद्र राठौर ने कहा कि सरकार आरक्षण के मौजूद प्रारूप में बदलाव नहीं कर सकती क्योंकि इससे सामाजिक समरसता प्रभावित होगी.

पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में से पांच फ़ीसदी आरक्षण के लिए राजस्थान के गूजर पिछले एक हफ्ते से आंदोलन कर रहे हैं.

कोर्ट का आदेश

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राठौर ने मीडिया को बताया कि भाजपा सरकार ने गूजर नेताओं से कहा है कि वो साल 2008 की भाजपा सरकार द्वारा सुझाए तरीकों के तहत इस मुद्दे पर विचार करने को तैयार है.

इससे पहले राजस्थान हाई कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा था कि सरकार बुधवार शाम पांच बजे तक रेल पटरियों और सड़क मार्ग को आंदोलनकारियों से खाली करवाए.

अदालत ने गुरुवार को पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को बुलाया है. अदालत ने प्रदर्शन के कारण रेलवे से उसे हुई नुकसान की भी जानकारी मांगी है.

इससे पहले भी गूजर आंदोलन पर अदालत ने वर्ष 2007 में कहा था कि नागरिकों को आने-जाने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने रास्ते रोके जिसे लेकर सेवानिवृत्त कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के खिलाफ़ अदालत में अवमानना की कार्रवाई चल रही है.

रेल मार्ग बाधित

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Image caption गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला अपने समर्थकों के साथ.

गूजर आंदोलनकरियों ने 21 मई शाम से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग बाधित कर रखा है. इसके अलावा उन्होंने जयपुर-आगरा राजमार्ग और कुछ अन्य सड़कों को भी जाम कर रखा है.

आंदोलनकारी दिल्ली-मुंबई मार्ग पर पीलूपुरा में रेल पटरियों पर धरना दे रहे हैं. धरने का नेतृत्व गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला कर रहे हैं.

आंदोलनकारियों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी भी कोई समाधान नहीं निकला है.

मंगलवार को हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब दौसा के सिकंदरा में बाज़ार में तोड़फ़ोड़ का स्थानीय लोगों की ओर से विरोध होने पर उग्र भीड़ बाज़ार में जमा हुई. इसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा.

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