अमरीकी स्पेलिंग मुक़ाबला जीतने पर छाए भारतीय छात्र

वान्या शिवशंकर और गोकुल वेंकटचलम इमेज कॉपीरइट Getty Images

सोशल मीडिया पर शुक्रवार को वान्या शिवशंकर और गोकुल वेंकटचलम छाए रहे.

वान्या और गोकुल ने अमरीका में राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली स्पेलिंग मुकाबले में जीत हासिल की है.

यह लगातार आठवीं बार है जब भारतीय मूल के छात्र-छात्राओं ने यह प्रतियोगिता जीती है. पिछले पंद्रह सालों में 11 बार भारतीय छात्र इस मुकाबले में आगे रहे हैं.

ट्विटर पर लोग इन्हें बधाई दे रहे हैं. पढ़िए कुछ चुने हुए ट्वीट -

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अनुभव कहते हैं, "भारतीय मूल के दो बच्चों ने हमें फिर से गौरवान्वित किया है. भारतीय केवल गणित और इंजीनियरिंग में ही आगे नहीं हैं."

प्रेम सिंह लिख रहे हैं, "भारतीय बच्चों ने फिर नाम रौशन किया."

अल्विन किरपाल लिखते हैं, "12 साल के दो बच्चों ने स्पेलिंग बी प्रतियोगिता जीत ली है, और मैं हूं जो अभी भी "desert" और "dessert" की स्पेलिंग ठीक नहीं बता पाता हूं."

ऋषि कहते हैं, "स्पेलिंग बी एकमात्र अंतरराष्ट्रीय भारतीय प्रतियोगिता है जो अमरीका में होती है."

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बेली हंटस्मैन कहती हैं, "मुझे लगता था कि मैं बहुत बढ़िया स्पेलिंग जानती हूं. पर मैं ग़लत थी."

अनुराग रेखी का कहना है, "मुझे लगता है ख़बर तब होगी जब भारतीय मूल के बच्चे स्पेलिंग बी नहीं जीतेंगे."

माइक ग्लैन कहते हैं, "भारतीय बच्चे स्पेलिंग में क्यों अच्छे होते हैं? क्योंकि ये मेहनत से पढ़ाई करते हैं और इनके माता-पिता पढ़ाई पर ज़ोर देते हैं."

अभिमन्यु कुलकर्णी कहते हैं, "एक भारतीय बच्चे का स्पेलिंग बी प्रतियोगिता में जीतना उसी तरह है जैसे कि किसी एक-दिवसीय क्रिकेट मैच में विराट कोहली का शतक लगाना."

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