जनता परिवार के विलय की प्रक्रिया टली

लालू नीतीश शरद यादव
Image caption अप्रैल में छह पार्टियों ने जनता परिवार में विलय का ऐलान किया था.

जनता परिवार के विलय की प्रक्रिया अब आधिकारिक तौर पर टल गई है. बीते लगभग एक महीने से इस संबंध में अटकलों का बाज़ार गर्म था.

जनता दल यूनाइटेड यानी की जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने फ़ोन पर बीबीसी को बताया कि फिलहाल विलय नहीं गठबंधन होगा.

उन्होंने कहा, "विलय अभी नहीं होगा. गठबंधन होगा. आगामी बिहार विधानसभा चुनाव दोनों पार्टियां गठबंधन के तहत लड़ेंगी."

वशिष्ठ नारायण ने रविवार को पटना में जदयू के प्रदेश पदाधिकारियों की आयोजित एक महत्त्वपूर्ण बैठक के बाद यह जानकारी दी.

वशिष्ठ नारायण ने यह भी कहा कि विलय पर बनी सहमति अब भी कायम है.

राजद को ‘सूचना नहीं’

Image caption हालांकि लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के बीच गठबंधन पक्का माना जा रहा है.

वहीं विलय की प्रक्रिया में शामिल दूसरी सबसे महत्त्वपूर्ण पार्टी राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद ने फिलहाल वशिष्ठ नारायण के एलान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

इस संबंध में पूछे जाने पर राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीक़ी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.

उन्होंने कहा कि अभी जदयू के इस फ़ैसले की सूचना उन्हें नहीं है.

अब्दुल बारी बिहार विधानसभा में राजद के नेता और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं.

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एलान अप्रत्याशित नहीं

वरिष्ठ पत्रकार नलिन वर्मा का मानना है कि वशिष्ठ नारायण सिंह का बयान अप्रत्याशित नहीं है.

उन्होंने कहा, "वर्तमन राजनीतिक हालात में दोनों दलों के बीच गठबंधन ही संभव दिखाई दे रहा था और विलय नहीं होना कोई बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी नहीं बनेगा."

ग़ौरतलब है कि पिछले महीने 10 मई को समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा था कि बिहार चुनाव से पहले जनता परिवार के दलों का विलय मुमकिन नहीं है.

छह दलों ने 16 अप्रैल को विलय की घोषणा करते हुए मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना था.

साथ ही कार्यक्रम, चुनाव चिन्ह वगैरह तय करने को मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति भी बनी थी.

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