जॉर्ज ऑरवेल को मिला ‘नया घर’

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Image caption जॉर्ज ऑरवेल की जन्मस्थली पर लगी उनकी मूर्ति.

‘एनिमल फार्म’ और ‘नाइंटीन एटी फ़ोर’ जैसे कालजयी उपन्यासों के लिए प्रसिद्ध ब्रितानी लेखक और पत्रकार जॉर्ज ऑरवेल का जन्म बिहार के मोतिहारी में 1903 में हुआ था.

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Image caption जीर्णोद्धार के बाद जॉर्ज ऑरवेल की मूर्ति.

दुनिया के अग्रणी लेखकों में शुमार होने वाले जॉर्ज ऑरवेल की जन्मस्थली लंबे समय तक उपेक्षा का शिकार रही. बिहार सरकार ने दिसंबर, 2010 में इसे संरक्षित स्थल घोषित किया लेकिन पिछले साल तक इसकी हालत ख़राब ही थी.

ऑरवेल का असली नाम था एरिक आर्थर ब्लेयर. जॉर्ज ऑरवेल नाम उन्होंने लेखन के लिए चुना था.

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Image caption जॉर्ज ऑरवेल की जन्मस्थली.

अगस्त, 2014 में बिहार राज्य के कला, संस्कृति और युवा विभाग ने उस घर की सुध ली जहाँ ऑरवेल का जन्म हुआ था. फिर उसके जीर्णोद्धार का काम शुरू हुआ. लगभग 50 लाख की लागत से यह काम इस महीने जाकर पूरा हुआ है.

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Image caption जीर्णोद्धार के बाद जॉर्ज ऑरवेल की जन्मस्थली.

हालांकि अभी बस ऑरवेल के टूटे-फूटे घर की ही मरम्मत की गई है और नई चारदीवारी बनाई गई है. लेकिन विभाग की योजना इस जगह को एक पर्यटक स्थल के रुप में विकसित करने की है.

विभाग के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने बीबीसी को बताया, ‘‘आने वाले दिनों में यहां एक लाइब्रेरी, पार्क और मल्टीमीडिया सेंटर बनाने के बारे में भी विभाग गंभीरता से विचार कर रहा है.’’

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Image caption जॉर्ज ऑरवेल की जन्मस्थली

जॉर्ज ऑरवेल ने अपनी जिंदगी का पहला साल ही यहां गुजारा और वे फिर यहां कभी वापस नहीं आए.

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Image caption जीर्णोद्धार के बाद जॉर्ज ऑरवेल की जन्मस्थली

ऑरवेल के पिता रिचर्ड डब्लू ब्लेयर ब्रितानी सरकार के अफ़ीम महकमे के लिए काम करते थे. तब ये इलाका अफ़ीम की खेती के लिए जाना जाता था.

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Image caption ब्रितानी शासन काल का अफ़ीम का गोदाम

यहां तैयार होने वाली अफ़ीम चीन भेजी जाती थी. जिस अहाते में जॉर्ज ऑरवेल का जन्म स्थान है उसमें अफ़ीम का एक पुराना गोदाम जर्जरहाल में अब भी मौजूद है.

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Image caption जिस परिसर में जॉर्ज ऑरवेल की जन्मस्थली है.

ऑरवेल की जन्मस्थली जिस अहाते में स्थित है वह लगभग पांच एकड़ का है. बिहार सरकार की योजना इसके आधे हिस्से में सत्याग्रह पार्क बनाने की भी है.

साल 2014 में टाइम मैगज़ीन ने 1945 के बाद के 50 सर्वश्रेष्ठ ब्रितानी लेखकों की सूची में ऑरवेल को दूसरा स्थान दिया था.

जॉर्ज ऑरवेल का देहांत 21 जनवरी, 1950 को लंदन में हुआ था.

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