भटकाने वाले विज्ञापन? सितारे फंसेंगे

maggie noodles packet

भारत में केंद्र सरकार ने कहा है कि अगर विज्ञापन गुमराह करने वाले पाए गए तो ब्रांड एंबेसडर पर भी कार्रवाई मुमकिन है.

मैगी को लेकर जहां 'नेस्ले इंडिया' मुश्किल में है वहीं मैगी की ब्रैंड एंबेसडर फ़िल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित पर भी संकट की तलवार लटकी हुई है.

केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के अतिरिक्त सचिव जी गुरुचरण ने सोमवार को कहा, ''अगर कंपनी के खाद्य उत्पाद के विज्ञापन में किसी खास गुण का ज़िक्र किया गया है जो उसमें नहीं है तो ऐसा विज्ञापन भटकाने वाला माना जाएगा.''

जी गुरुचरण ने यह भी कहा, ''अगर कंपनी का ब्रैंड एंबेसडर विज्ञापन में उन खास गुणों के बारे में बोलता है जो कि उत्पाद में नहीं पाए जाते हैं तो उस पर कार्रवाई हो सकती है.''

कार्रवाई के प्रावधान

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खाद्य पदार्थों के लिए बनाए गए क़ानून 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006' के मुताबिक कंपनी का विज्ञापन गुमराह करने वाला पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई के प्रावधान हैं.

इस प्रावधान के मुताबिक अगर विज्ञापन भटकाने वाला है तो इसकी जगह सही जानकारी के साथ नए विज्ञापन को टीवी-रेडियो पर प्रसारित किया जाना चाहिए.

इस एक्ट के तहत ग़लत जानकारी देने वाले विज्ञापन के लिए जुर्माने का भी प्रावधान है.

माधुरी को नोटिस

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मैगी का विज्ञापन करने के लिए हरिद्वार के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को नोटिस भेजा गया है.

उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक मैगी में मोनोसोडियम ग्लूटेमैट और लैड (सीसा) तय सीमा से ज़्यादा पाया गया है.

हालांकि नेस्ले ने बयान जारी कर कहा है कि परीक्षणों से पता चला है कि "उनके उत्पाद में लैड का स्तर निरंतर तय सीमा के अंदर पाया गया है."

नेस्ले का ये भी कहना है कि वो "भारत में बिकने वाले मैगी में मोनोसोडियम ग्लूटेमैट नहीं मिलाती."

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