मानसून पहले के अनुमान से भी होगा कम

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भारत एक ओर जानलेवा गर्मी और लू से जूझ रहा है तो इस बार बारिश के भी बहुत कम कहने की संभावना जताई जा रही है.

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन के मुताबिक मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि मानसून बस 88 फीसदी ही रहेगा.

उनका कहना है कि ऐसे में भारत के आधे किसान जहां पहले ही सिंचाई के साधनों की कमी झेल रहे हैं भारत में सूखे की स्थिति बन सकती है.

अप्रैल में कहा गया था कि साल के भीतर मानसून 93 फीसद होगा.

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बारिश अगर 90 फीसदी से कम होती है तो उससे जिस स्थिति का निर्माण हो सकता है उसे सूखा माना गया है.

सरकार ने मानसून के सामान्य से कम स्तर पर रहने के पूूर्वानुमान पर चिंता ज़ाहिर की है.

बेमौसम बरसात और ओलों की वजह से किसान पहले से ही बेहद परेशान हैं. क़र्ज़ में दबे कई किसान इसे वजह बताते हुए आत्महत्या कर चुके हैं.

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