मथुरा ही नहीं मलेशिया वाले भी करते हैं रासलीला

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पिछले दिनों इंडियन कॉउंसिल ऑफ़ कल्चरल रिलेशंस के ऑडिटोरियम में मशहूर मलेशियाई नर्तक दातुक रामली इब्राहिम और उनके समूह ने 'कृष्णा लव - रीइन्वेंटेड' नाम से नृत्य प्रस्तुति दी.

'कृष्णा लव - रीइन्वेंटेड' में सूत्रा डांस थिएटर ने कृष्ण की प्रेम गाथा को एक अलग ढंग से प्रस्तुत किया.

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राधा को सभी गोपियों के प्रेम के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. हालांकि राधा और कृष्ण में कई बार मनमुटाव भी होता है, कृष्ण का राधा को अनदेखा कर गोपियों के साथ छेड़खानी करना और फिर राधा के पास लौट आना उनके प्रेम की शाश्वतता को दर्शाता है.

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राधा जानती हैं कि कृष्ण किसी भी गोपी के पास चले जाएं, लौटकर राधा के पास ही आएंगे. उसका विश्वास कृष्ण के प्रेम से कभी नहीं डिगता.

इसी प्रेम कथा को रामली ने अपने नृत्य के ज़रिए दर्शाने की कोशिश की है.

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रामली क्लासिकल बैले, मॉडर्न डांस और भारतीय शास्त्रीय नृत्य (ओडिसी व भरतनाट्यम) में पारंगत हैं.

वो मलेशिया में रहते हैं और 'सूत्रा फाउंडेशन' नाम से नृत्य प्रशिक्षण केंद्र चलाते हैं. रामली ने अपने शिष्यों को भरतनाट्यम व ओडिसी की परंपरागत और आधुनिक नृत्य की बारीकियां सिखाई हैं.

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रामली का जन्म कवांग में हुआ था, वह तीन वर्ष की आयु से नृत्य कर रहे हैं.

उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग के साथ-साथ अपना नृत्य प्रशिक्षण भी जारी रखा. मलय लोक नृत्य और बैले सीखा. फिर अड्यार के लक्ष्मण से भरतनाट्यम सीखने के बाद रामचंद्र नाम से शास्त्रीय प्रस्तुतियां देना शुरू किया.

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लेकिन जब रामली ने ओडिसी नृत्य देखा तब सोचा कि यह कितनी सुंदर नृत्य विधा है और उन्होंने पुरी जाकर गुरु देबाप्रसाद दास से प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया.

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उन्होंने गुरु शिष्य परंपरा के अनुसार ओडिसी का अध्ययन किया. गुरु देबाप्रसाद ओडिसी पुनर्जीवित करने वाले तीन गुरुओं में से एक थे.

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मुस्लिम परिवेश से आने को रामली बाधा नहीं मानते हैं, उनका कहना है, "हो सकता है यह सुनने में प्रासंगिक न लगे कि एक मुसलमान मंदिर में नृत्य कर रहा है. लेकिन अब वक़्त बदल चुका है और हमें इसके कलात्मक पहलू को भी देखना चाहिए."

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कोरियोग्राफ़ी रामली की पहली और आख़िरी पसंद है, उनके अनुसार इसमें कई संभावनाएं हैं.

रामली के मुताबिक़, "मैं अपनी ओडिसी प्रस्तुतियों में कई नए प्रयोग कर सकता हूँ और करता भी हूँ, जिसे खूब सराहा भी जाता है. बस आपको अपने काम पर और योग्यता पर भरोसा होना चाहिए."

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58 वर्षीय दातुक रामली इब्राहिम ने लगभग तीस वर्षों से दर्शकों को अपने मंत्रमुग्ध कर देने वाली नृत्य प्रस्तुतियों से प्रभावित किया है.

1983 में रामली ने सूत्रा डांस थिएटर नाम से एक संस्था शुरू की, जहाँ से अब तक क़रीब 700 लोग नृत्य प्रशिक्षण ले चुके हैं.

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