झारखंड : 22 साल बाद विधायक को सात साल की सज़ा

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झारखंड में ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन यानी आजसू पार्टी विधायक कमल किशोर भगत को सात साल की सज़ा सुनाई गई है.

अपर न्यायुक्त कृष्ण कुमार ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए यह सज़ा सुनाई है.

विधायक कमल किशोर भगत और उनके सहयोगी अलेस्टेयर बोदरा को सात साल की सश्रम सज़ा सुनाई गई है और उन पर 10 हज़ार का जुर्माना भी लगा है.

इनके अलावा अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सज़ा सुनाई गई है जो सात साल से कम है. लेकिन सभी सज़ा एक साथ चलेंगी.

प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ केके सिन्हा पर हमले करने के आरोप में रांची की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उन्हें सोमवार को दोषी करार दिया.

कमल किशोर भगत लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वे दूसरी बार चुनाव जीते हैं.

वह आजसू पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं. अलग राज्य के आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है.

22 साल पुराना मामला

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आजसू विधायक कमल किशोर भगत को जिस मामले में दोषी करार दिया गया है, वो 22 साल पुराना है.

साल 1993 में डॉ केके सिन्हा ने कमल किशोर भगत और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

इसमें उनके साथ मारपीट करने, गोली चलाने और गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप था. इस घटना में विधायक के एक सहयोगी सुदर्शन भगत की मौत हो गई थी.

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इस बीच विधायक को कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद उनके विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता रांची पहुंच रहे हैं.

जानकारों का कहना है कि सजा के बाद उनकी सदस्यता खतरे में पड़ सकती है.

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