फ़र्ज़ी डिग्रीधारी शिक्षकों पर कोर्ट की तलवार

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बिहार में फर्जी डिग्री पर नौकरी पाने वाले नियोजित शिक्षकों को पटना हाई कोर्ट ने 15 दिनों के भीतर स्वेच्छा से इस्तीफा देने का आदेश जारी किया है.

कोर्ट के आदेश के मुताबिक यदि फर्जी डिग्रीधारी शिक्षक 15 दिनों के अंदर खुद इस्तीफा दे देंगे, तो उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कारवाई नहीं होगी.

आदेश में ये भी कहा गया है कि फर्जी डिग्री के आधार पर सालों तक नौकरी कर इन शिक्षकों ने जो वेतन पाये, उसकी भी वसूली नहीं की जायेगी.

लेकिन, इन लोगों ने यदि क्षमादान के इस अवसर का लाभ नहीं उठाया, तो सख्त कारवाई होगी.

यह मसला राज्य में साल 2006 से 2008 के बीच नौकरी पाये लगभग साढ़े तीन लाख शिक्षकों के फर्जी डिग्री से जुड़ा है.

आरटीआई से बात आगे बढ़ी

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Image caption युवा सूचना कर्यकर्ता रंजीत पंडित

ये मामला कुछ लोगों और सूचना के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओ जैसे रंजीत पंडित की कोशिशों से सामने आया.

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Image caption वरिष्ठ वकील दीनू कुमार

साल 2014 में इसकी शिकायत सीबीआई और गृह मंत्रालय से की गई.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये एक बड़ा घोटाला है जिससे राज्य को अब तक कम से कम 1500 करोड़ रूपए की क्षति हुई होगी.

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