'बस अमिताभ बच्चन के फ़ोन का इंतज़ार है'

raju & brijesh इमेज कॉपीरइट saroj
Image caption राजू बृजेश का घर जहाँ ये दोनों पूरे पांच भाई एक बहन के साथ रहते हैं

क़िस्मत रातों रात बदलना किसे कहते हैं ये कोई प्रतापगढ़ के रहने वाले राजू सरोज और बृजेश सरोज दोनों भाइयों से पूछे.

एक गरीब दिहाड़ी मज़दूर के इन 18 और 19 साल के इन दो दलित लड़कों के नाम आईआईटी की मेरिट लिस्ट में 167वें और 410वें नंबर पर आए.

जब इनकी फ़ीस के लिए दर दर भटकते पिता की कहानी अख़बारों में छपी तो इन्हें सबसे पहला फ़ोन अभिनेता आमिर ख़ान का आया, जिन्होंने इन्हें बधाई दी और मदद की पेशकश की.

इसके बाद तो इन्हें बधाई और इनाम देने वालों का ताँता लगा हुआ है.

आमिर के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर दुनिया भर से फ़ोन आए.

पर इन लड़कों को बेसब्री से इंतज़ार है इलाहाबाद के रहने वाले अमिताभ बच्चन के फ़ोन का.

अमिताभ के फ़ैन

इमेज कॉपीरइट sony tv
Image caption फिल्म डॉन का डाइलॉग राजू सुनते हैं ये मैडम तनी रुक्का हो पान तो खइले दा

राजू अमिताभ के इस कदर फ़ैन हैं कि फ़ेसबुक में इनका नाम राजू अमिताभ है.

वो धड़ाधड़ अमिताभ के डायलॉग सुनाते हैं. राजू बड़ी उम्मीद से कहते हैं, "अमिताभ एक बार फ़ोन कर लीजिए प्लीज़."

कभी इनके पढ़ने की कोशिशों का मज़ाक उड़ाने वाले आज अपने बच्चों को इनके साथ फ़ोटो खिंचवाने भेज रहे हैं. जब इनके घर में इनाम देने वालों का ताँता लग गया तो गांव के कुछ लोगों ने इनके घर पर पत्थरबाजी की तो प्रसाशन ने इनके घर पर पुलिस तैनात कर दी.

बृजेश कहते हैं, "जिस दरोगा को देखकर वो कभी डर जाया करते थे आज हमें सुरक्षा दे रहे हैं. देख कर बड़ा अच्छा लगता है."

इमेज कॉपीरइट saroj
Image caption अब गावं के बच्चे इनके पास आकर फोटो खिंचवाते हैं

राजू के घरवालों के लिए सम्मान की बात तो वो हैडपम्प भी है जो रातों रात इनके घर के दरवाज़े पर लगवा दिया गया.

घर के सामने के लिए सरकारी सड़क भी मंज़ूर हो गई और तो और घर में मंत्री जी ने टीवी रखवा दिया, बल्ब की रौशनी जगमगाने लग गई.

राजू मानते हैं की अभी तो ये शुरुआत भर है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार