इंडोनेशिया: कम होगा मस्जिदों में शोर शराबा?

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इंडोनेशिया में इस बात की जांच की जा रही है कि वहं की मस्जिदों में काफ़ी शोर शराबा होता है. इंडोनेशिया सबसे ज़्यादा मुसलिम आबादी वाला देश है और वहां तक़रीबन आठ लाख मस्जिद हैं.

लाउड स्पीकर की तेज़ आवाज़

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उप राष्ट्रपति हुसैन अब्दुल्लाह ने बीबीसी को बताया कि मस्जिदों के शीर्ष संगठन ने दस शहरों की मस्जिदों से आवाज़ के नमूने इकट्ठे किए हैं. यह पाया गया कि लाउड स्पीकरों की आवाज का स्तर काफ़ी ऊंचा है. नमाज़ से जुड़े ऐलान और तक़रीर ऐसे समय भी होते हैं, जब उसकी कोई ज़रूरत नहीं होती है.

'ग़ैर ज़रूरी शोर'

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रमज़ान के पवित्र महीने में शोर शराबा कुछ ज़्यादा ही बढ़ जाता है. अब्दुल्लाह ने कहा कि इसकी वजह यह है कि लोगो को अधिक से अधिक आकर्षित करने की एक होड़ मस्जिदों के बीच होती है. नतीजा यह होता है कि लोग यह समझ ही नहीं पाते हैं कि आख़िर कहा क्या जा रहा है.

आवाज़ कम करने की कोशिश

वे कहते हैं, सुबह की नमाज़ में पांच-सात मिनट लगते हैं और इसके अलावा उससे जुड़े ऐलान हो सकते हैं, बस. इससे अधिक की ज़रूरत नहीं है.

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समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, तकनीशियनों और दूसरे विशेषज्ञों को लगाया गया है जो मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकरों के आवाज़ का स्तर कम कर उसे एडजस्ट कर देंगे, ताकि ग़ैर ज़रुरी शोर शराबा न हो.

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