समारोह की सरकार: 2 साल 11 उत्सव

1999 से 2014 तक मनाए गए शताब्दी समारोह का ग्राफिक्स इमेज कॉपीरइट Other

भारत सरकार वर्ष 2015 से 2016 के दौरान कई शताब्दी समारोहों का आयोजन करेगी. संख्या के हिसाब से इतने शताब्दी समारोह बीते 15 वर्षों में भी नहीं हुए.

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने वर्ष 2015-16 में 11 'शताब्दी स्मरणोत्सव' मनाने का फैसला किया है.

इससे पहले, बीते 15 वर्षों में भारत सरकार ने ऐसे 9 शताब्दी समारोह आयोजित किए थे.

आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक भारत सरकार ने वर्ष 2015-16 में जो शताब्दी समारोह मनाने का फैसला किया है, उसका विवरण इस प्रकार है-

1. चम्पारण शताब्दी

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महात्मा गांधी पहली बार 15 अप्रैल 1917 को बिहार के चम्पारण ज़िला के मोतिहारी शहर आए थे. उसी की याद में शताब्दी समारोह आयोजित होगा.

2. सत्याग्रह

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Image caption बिहार के चंपारण का वो भवन जहां महात्मा गांधी चरखे पर सूत कातते थे.

महात्मा गांधी के चम्पारण आगमन के बाद अंग्रेज़ों द्वारा घोषित तिनकठिया प्रथा के ख़िलाफ़ सत्याग्रह हुआ.

दक्षिण अफ्रीका के बाद भारत में यह गांधी जी का पहला सत्याग्रह माना जाता है.

हालांकि इस सत्याग्रह की भूमिका वर्ष 1907 में ही शेख़ गुलाब, पीर मुहम्मद मूनिस व शीतल राय ने तैयार कर दी थी.

3. रानी गाईदिन्ल्यू

रानी गाईदिन्ल्यू (1915-1993) एक नागा आध्यत्मिक व राजनीतिक नेता थी, जिन्होंने मणिपुर और नागा इलाक़े में ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ विद्रोह का नेतृत्व किया था.

4. तात्या टोपे

Image caption साल 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ पहला स्वाधीनता संग्राम हुआ था.

रामचन्द्र पांडुरंग टोपे (1814-1859) जिन्हें दुनिया तात्या टोपे के नाम से जानती है, 1857 में भारत के पहले स्वाधीनता संग्राम या विद्रोह में एक प्रमुख सेनानायक थे.

5.भीष्म साहनी

भीष्म साहनी (8 अगस्त 1915- 11 जुलाई 2003) आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख स्तंभों में से एक हैं. भारत विभाजन पर आधारित उनके उपन्यास तमस के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था. इस पर आधारित टीवी सीरियल भी काफ़ी चर्चित हुआ.

भीष्म साहनी का नाटक हानुष भी काफ़ी चर्चित रहा है जिसे कई प्रसिद्ध नाट्य निर्देशकों ने मंचित किया है.

6. पंडित दीनदयाल उपाध्याय

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Image caption प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के एक साल पूरा होने पर मथुरा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के गांव में रैली की थी.

पंडित दीनदयाल उपाध्याय (25 सितम्बर 1916 -11 फ़रवरी 1968) एक चिन्तक थे. वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे.

7. चैतन्य महाप्रभु

वृंदावन कृष्ण की लीलास्थली है. भारत सरकार चैतन्य महाप्रभु के वृंदावन आगमन की 500वीं सालगिरह पर शताब्दी समारोह आयोजित करेगी.

ऐसा माना जाता है कि 15वीं शताब्दी में चैतन्य महाप्रभु ने अपनी ब्रजयात्रा के समय वृंदावन तथा कृष्ण कथा से संबंधित अन्य स्थानों को अपने अंतर्ज्ञान से पहचाना था.

8. बीजू पटनायक

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Image caption साल 1999-2000 से साल 2014-15 तक मनाए गए समारोह की आरटीआई से मिली जानकारी

बीजू पटनायक (5 मार्च 1916-17 अप्रैल 1997) भारतीय राजनीतिज्ञ और दो बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे थे.

9. अमृतलाल नागर

अमृतलाल नागर (17 अगस्त 1916-23 फरवरी 1990) हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार थे. बूंद और समुद्र, शतरंज के मोहरे, सुहाग के नूपुर, अमृत और विष, मानस का हंस और नाच्यो बहुत गोपाल उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं.

10. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान

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Image caption उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की कब्र पर अगरबत्ती जलाते उनके परिजन

उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान (21 मार्च 1916 - 21 अगस्त 2006) भारत रत्न से सम्मानित प्रख्यात शहनाई वादक थे.

11. एमएस सुब्बालक्ष्मी

एमएस सुब्बालक्ष्मी (16 सितम्बर 1916 – 11 दिसम्बर 2004) भारत की पहली ऐसी प्रसिद्ध गायिका थीं जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा उन्हें रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से भी नवाज़ा गया था.

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