अश्लील ईमेल भेजने पर इंजीनियर को जेल

महाराष्ट्र में एक महिला को लगातार अश्लील ईमेल भेजने और प्रताड़ित करने के जुर्म में एक इंजीनियर को अदालत ने जेल भेज दिया है.

शायद अपनी तरह का ये पहला मामला है जिसमें सज़ा हुई है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ये मामला 2009 का है और इसमें एक निजी कंपनी में काम करने वाले इंजीनियर योगेश प्रभु को दोषी ठहराया गया है.

योगेश प्रभु पर अपनी ही कंपनी में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी को ऐसे बेनामी ईमेल भेजने के आरोप थे, जिसमें अश्लील बातें लिखी होती थीं.

साइबर क्राइम

बताया जाता है कि योगेश इन ईमेल संदेशों में उस महिला की दिन भर की गतिविधियों का ब्यौरा भी लिखते थे.

इनसे परेशान हो कर महिला ने 2009 में शिवाजी पार्क पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जहां से यह मामला साइबर क्राइम सेल को सौंपा गया.

मुंबई पुलिस के साइबर क्राइम सेल के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मुकुंद पवार ने इस मामले की तफ़्तीश कर अदालत में केस दयार किया था.

पुलिस की जांच में पता चला कि ईमेल नवी मुंबई के वशी और हरियाणा के गुडगाँव से भेजे गए थे.

कंपनी के कर्मचारियों की जाँच के बाद पुलिस ने योगेश प्रभु को हिरासत में ले लिया.

डिलीट कर दिए थे ईमेल

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Image caption दुनिया भर में इंटरनेट के विस्तार के साथ साइबर चुनौतियां भी बढ़ रही है

पुलिस के मुताबिक़ जब उनके ईमेल इनबॉक्स की जाँच हुई तब पता चला के उन्होंने वे सारे ईमेल डिलीट कर दिए थे.

योगेश प्रभु का लैपटॉप फॉरेंसिक लेबोरेटरी भेजकर सारी जानकारी हासिल की गई और उसके बाद मुंबई के किला कोर्ट में आरोप पत्र दाख़िल किया गया.

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने योगेश प्रभु को आईपीसी की धारा 501 के तहत एक महीना जेल और पांच हजार रुपये का जुर्माना और आईटी एक्ट की धारा 67 और 67 (A) के तहत तीन महीने का कारावास और दस हजार रुपए का जुर्माना किया.

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