जब मंत्री ने कहा- 'पत्रकार हमसे बड़ा है क्या?'

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Image caption मध्य प्रदेश सरकार व्यापमं घोटाले में हो रही संदिग्ध मौतों पर घिरी हुई है.

मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले के कारण राजनीतिक अखाड़े में घिरी शिवराज सिंह सरकार के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एक टिप्पणी ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

इस मामले की कवरेज कर रहे आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "पत्रकार-वत्रकार छोड़ दो यार पत्रकार हमसे बड़ा है क्या?"

मध्य प्रदेश का व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) प्री-मेडिकल, प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट के साथ-साथ कई सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षा कराता है.

आरोप हैं कि इन परीक्षाओं में कई सालों तक कथित तौर पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ. हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एसआईटी इस घोटाले की जांच कर रही है.

इस मामले से जुड़े 30 से ज़्यादा अभियुक्तों और जांच करने वालों की एक के बाद एक मौत हुई है और ये बात एसआईटी भी मानती है.

मंत्री ने दी सफ़ाई

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मीडिया में इस टिप्पणी की आलोचना के बाद विजयवर्गीय ने कहा कि उनके बयान का ग़लत मतलब निकाला जा रहा है.

उधर अक्षय सिंह का रविवार को दिल्ली में अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी शामिल हुए.

राहुल गांधी के दफ़्तर की ओर से ट्वीट किया गया, "अक्षय सिंह की माँ, पिता और बहन से मिलकर दुख हुआ. दुख की इस घड़ी में मेरी प्रार्थनाएं परिवार के साथ हैं."

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट किया, "युवा पत्रकार अक्षय सिंह की दुखद असामायिक मौत पर मेरी संवेदनाएं. मेरी दुआएँ दुखी परिवार के साथ हैं."

'सभी मौतों की जांच'

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा था कि हर मौत की जांच होगी. साथ ही उन्होंने एसआईटी प्रमुख को चिट्ठी लिखकर अक्षय सिंह की मौत की जाँच करने के लिए भी कहा है.

मध्य प्रदेश सरकार ने अक्षय सिंह के विसरा की दिल्ली के एम्स में जाँच की मांग को भी मंज़ूर कर लिया है.

रविवार को ही जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन अरुण शर्मा दिल्ली एक होटल में मृत पाए गए. उनकी मौत भी संदिग्ध मानी जा रही है.

वहीं आम आदमी पार्टी व्यापमं घोटाले के ख़िलाफ़ 11 जुलाई को देश भर में प्रदर्शन करेगी.

पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि वह क़ानूनी हस्तक्षेप के विकल्प भी तलाश रही है.

कांग्रेस ने भी व्यापमं घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जाँच की माँग की है.

सोमवार सुबह पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने व्यापमं घोटाले पर ट्वीट करते हुए कहा है, "व्यापमं से यह सबक मिला है कि कोर्ट की निगरानी स्वतंत्र जाँच की गारंटी नहीं है. अंततः ज़िम्मेदारी कार्यपालिका की ही है. अगली संदिग्ध मौत से पहले मध्य प्रदेश सरकार को सीबीआई जाँच के आदेश दे देने चाहिए."

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