शिवराज मुझे मरवाना चाहते हैं: चतुर्वेदी

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मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) 'घोटाले' में चार व्हिसल-ब्लोअर में से एक आशीष चतुर्वेदी ने अपनी जान को ख़तरे में बताया है.

आशीष चतुर्वेदी ने बीबीसी से बातचीत में दावा किया, ''चूंकि मैं व्यापम घोटाले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम लगातार लेता रहा हूं, इसलिए वो मुझे मरवा देना चाहते हैं.''

मध्य प्रदेश सरकार ने आशीष चतुर्वेदी के इस आरोप को निराधार बताकर इसकी निंदा की है.

आशीष चतुर्वेदी का कहना है, ''मुझ पर पहले ही 13 बार हमले हो चुके हैं. इनमें से छह हमले तो सुरक्षाकर्मियों के सामने हुए हैं. उन सुरक्षाकर्मियों के सामने जिन्हें राज्य सरकार ने मेरी सुरक्षा में लगाया है.''

'सुर्ख़ियों में आने के लिए'

आशीष के आरोप पर मध्य प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है, ''मेरा मानना है कि ये पूर्वाग्रह से दिया गया बयान है. अगर इस तरह की बात होती तो उन्हें सुरक्षा क्यों दी जाती.''

नरोत्तम मिश्रा का कहना है, ''मेरा उनसे निवेदन है कि उस व्यक्ति के बारे में इस तरह की बात नहीं कहनी चाहिए, जो सिर्फ और सिर्फ जनता की सेवा ही करता है. आज तक किसी और ने तो ऐसा कहा नहीं, सुर्खियों में आने के लिए अगर इस तरह का बयान दिया जाए तो मैं इसे अच्छा नहीं मानता.''

क्या है मामला?

मध्य प्रदेश का व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) प्री-मेडिकल, प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट के साथ-साथ कई सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है.

आरोप हैं कि इन परीक्षाओं में बीते कुछ वर्षों में कथित तौर पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ. हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एसआईटी इस घोटाले की जांच कर रही है.

जांच के दौरान मामले से जुड़े कई लोगों की मौत हो चुकी है.

दिल्ली के पत्रकार अक्षय सिंह और जबलपुर में मेडिकल कॉलेज के डीन अरुण शर्मा की हालिया संदिग्ध मौत के बाद विपक्षी कांग्रेस मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार पर लगातार सवालिया निशान लगा रही है.

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