कल्याण सिंह चाहते हैं राष्ट्रगान में बदलाव

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राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा है कि भारत के राष्ट्रगान में बदलाव होना चाहिए.

उन्होंने कहा है कि 'जन गण मन अधिनायक' की जगह इसे जन गण 'मन दायक या मंगलदायक' कर दिया जाए.

कल्याण सिंह बतौर कुलाधिपति राजस्थान विश्वविद्यालय के 26वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे.

अपना लिखित भाषण ख़त्म करने के बाद कल्याण सिंह ने कहा कि जब गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर ने यह गीत 1911 में लिखा था तब देश पर ब्रितानी राज था.

उन्होंने कहा कि वे टैगोर का पूरा आदर करते हैं लेकिन 'जन गण मन अधिनायक जय हे' ब्रिटिश राज की प्रशंसा है. इसके स्थान पर 'जन गण मन मंगल दायक' होना चाहिए.

कल्याण सिंह ने ये भी कहा कि 'ब्रितानी ग़ुलामी के प्रतीक महामहिम (हिज़ एक्सीलेंसी) की जगह माननीय' कहा जाना चाहिए.

'विक्टोरिया नहीं लक्ष्मी बाई महान'

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अपने दीक्षांत भाषण में उन्होंने क्वीन विक्टोरिया का भी ज़िक्र करते हुए कहा कि वे महान नहीं थीं बल्कि झाँसी की रानी महान थीं जिन्होंने लड़ाइयाँ लड़ीं. औरंगज़ेब महान नहीं थे बल्कि छत्रपति शिवाजी महान थे.

राजस्थान में मंगलवार को वर्ष 1990 से लेकर 2014 के बीच की लंबित डिग्रियों में से करीब 17 लाख से ज़्यादा डिग्रियां बांटी गई.

ब्रितानी परंपरा के प्रतीक समझे जाने वाले काले गाउन और टोपियों की जगह छात्र-छात्रा कुर्ता-पायज़ामा, सफ़ेद साड़ी-ब्लाउज़, सलवार-कमीज़ में डिग्री लेने आए.

ख़ुद कल्याण सिंह ने साफा बांध रखा था.

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