व्हिसलब्लोअर के कुछ डाटा पर संदेह: एसआईटी

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व्यापमं घोटाले की जांच करने वाली स्पेशल टास्क फ़ोर्स पर निगरानी रखने वाली एसआईटी के प्रमुख ने बीबीसी से कहा था कि इस मामले में जाँच संतोषजनक नहीं कही जा सकती.

जस्टिस चंद्रेश भूषण ने व्यापमं मामले पर आए सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ठीक पहले बीबीसी हिंदी से हुई ख़ास बातचीत में माना कि अपराधियों को पकड़ने में एसटीएफ़ को पूरी सफलता नहीं मिल सकी.

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भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अब सीबीआई से कहा है कि वह मध्य प्रदेश में प्री मेडिकल टेस्ट, प्री इंजीनियरिंग टेस्ट और सरकारी नौकरियों की नियुक्तियों में हुई कथित अनियमितताओं की जांच करे.

अभी तक हाई कोर्ट की तरफ से गठित की गई एसआईटी की निगरानी में व्यापमं मामले की जांच चल रही थी.

'दबाव नहीं'

Image caption मामले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फ़ोर्स के प्रमुख जस्टिस चंद्रेश भूषण.

मध्य प्रदेश सरकार ने व्यापमं मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टास्क फ़ोर्स का गठन किया था, जिसमें राज्य पुलिस के ही अधिकारी शामिल थे.

जस्टिस चंद्रेश भूषण ने पुलिस अफ़सरों की तो सराहना की, लेकिन साथ ही माना कि एसआईटी को एसटीएफ़ की टीम से जांच में और अपेक्षाएं रहीं.

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जस्टिस भूषण ने कहा, "इतना बड़ा घोटाला सामने आया. इसके पीछे हाई कोर्ट की ही अहम भूमिका रही. जाँच पर अगर किसी प्रकार का दबाव होता तो स्वयं राज्यपाल के ख़िलाफ़ मामला नहीं दर्ज होता."

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जिस तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था उसमें जस्टिस भूषण के अलावा सीआरपीएफ़ के पूर्व महानिदेशक विजय रमन और एनआईसी के पूर्व उप महानिदेशक सीएलएम रेड्डी थे.

व्हिसलब्लोअर

व्यापमं घोटाले में व्हिसलब्लोअर की भूमिकाएं ख़ासी अहम रहीं हैं. ख़ासतौर से प्रशांत पांडे जैसे लोगों की, जिन्होंने पहले जांच एजेंसियों की मदद की थी.

लेकिन एसआईटी टीम में डिजिटल जांच की निगरानी करने वाले सीएलएम रेड्डी का कहना है कि काफ़ी डाटा की प्रामाणिकता पर उन्हें संदेह है.

ग़ौरतलब है कि प्रशांत पांडे समेत दूसरे व्हिसलब्लोअरों ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच की जो याचिका दायर की थी उसके साथ घोटाले के कथित प्रमाण भी अदालत को सौंपे थे.

इनमें डिजिटल एक्सेल शीटों के ज़रिए मेडिकल परीक्षाओं में हुई कथित हेराफेरी के प्रमाण भी शामिल हैं.

डाटा से छेड़छाड़

Image caption एसआईटी जांच में शामिल रहे सीएमएल रेड्डी.

एसआईटी सदस्य रेड्डी के अनुसार सारे डाटा पर यकीन करना सही नहीं होगा.

वह कहते हैं, "मैं मानता हूँ कि कुछ व्हिसलब्लोअर बेहद बढ़िया हैं. पर उनके पास कुछ ही चीज़ें सही है और काफ़ी चीजों के साथ छेड़छाड़ की गई है."

सीएलएम रेड्डी ने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि व्यापमं घोटाला भारतीय इतिहास के बड़े घोटालों में से एक है.

बीबीसी हिंदी से हुई बातचीत में उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि जाँच में डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका अहम रहेगी.

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