आईपीएस अमिताभ ठाकुर सस्पेंड

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आईपीएस अमिताभ ठाकुर को उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबित कर दिया है.

उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के बयान में कहा गया है कि अमिताभ ठाकुर ने 'अनुशासनहीनता और हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना की.'

अमिताभ ठाकुर पिछले कुछ दिनों से इसलिए सुर्खियों में बने हुए हैं क्योंकि उन्हें कथित तौर पर मुलायम सिंह से आई एक फ़ोन कॉल का ऑडियो सार्वजनिक हुआ था.

अमिताभ का आरोप है कि इस कॉल में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव उन्हें धमकी दे रहे हैं.

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इसके एक दिन बाद ही अमिताभ और उनकी पत्नी के ख़िलाफ़ एक एफ़आईआर दर्ज हुई जिसमें उन पर बलात्कार का आरोप लगाया गया है.

हालांकि मुलायम सिंह के बेटे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर कहा था, "क्या नेता जी किसी को समझा नहीं सकते हैं. नेताजी हमें भी समझाते हैं. नेताजी किसी को कुछ समझाएं, तो क्या ग़लत बात है."

सुरक्षा की मांग

सोमवार को अमिताभ ठाकुर ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी.

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Image caption उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश में कहा गया है कि ठाकुर ने 'अनुशासनहीनता और हाईकोर्ट के निर्देशों की अनदेखी की.'

अमिताभ ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने और ख़ुद को केंद्रीय एजेंसी की तरफ़ से सुरक्षा दिए जाने की मांग की है.

उन्होंने अपने ख़िलाफ़ दर्ज बलात्कार मामले के बारे में कहा कि ये छह महीने पुराना मामला है और वो खुद इसमें जांच की मांग करते रहे हैं.

उन्होंने कहा, "इस तरह के बलात्कार के आरोपों का उसी दिन दर्ज होना, जब मैंने मुलायम के ख़िलाफ़ आरोप लगाए, पूरे मामले को स्पष्ट तौर पर ज़ाहिर करता है."

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