भाजपा अपना दर्द हमसे बांटे: शिवसेना

मंगलवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले सत्ताधारी भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने कहा है कि 'भाजपा को अपना दर्द उससे बांटना चाहिए.'

संसद सत्र में ख़ासा हंगामा होने के आसार हैं क्योंकि कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल सरकार को भूमि अधिग्रहण बिल, ललित मोदी मुद्दे और व्यापमं घोटाले पर उसे घेरने की तैयारी में हैं.

विपक्ष के तेवर देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में पहली बार एनडीए के घटक दलों की बैठक बुलाई गई है.

शिवसेना के सांसद संजय राउत का कहना है भाजपा ने जो भी किया वो उसे बहुत पहले कर लेना चाहिए था.

'एनडीए का महत्व घटा'

राउत के अनुसार भाजपा को लोकसभा चुनावों में मिली बहुमत से एनडीए का महत्व कम हो गया है.

उन्होंने कहा, ''शिवसेना और भाजपा का बंधन तो पिछले 25 साल से है और आगे भी रहेगा. जब सरकार को घेरने की कोशिश होगी तो शिवसेना ज़रूर सरकार के साथ खड़ी रहेगी.''

राउत ने अफ़सोस जताया कि जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब से एनडीए की एक भी बैठक नहीं हुई और इसीलिए एनडीए के दलों के बीच संवाद का स्तर था कम हो गया.

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उन्होंने कहा, ''अगर लगातार एनडीए की बैठकें होती रहतीं तो आज जो नौबत आई है, वो नहीं आती. सरकार को आज घेरने की जो कोशिश हो रही है वो शायद नहीं होती.''

'हमसे बांटें अपना दर्द'

शिवसेना के सांसद का कहना था, "भाजपा को अपना दर्द हमारे साथ भी बांटना चाहिए, क्या पता हमारे पास उसका इलाज हो. जो कुछ सरकार में हो रहा है कम से कम हमें उससे अवगत तो कराया जाए. अगर वो हमसे छुपाएंगे तो दर्द कम नहीं होगा बल्कि और बढ़ेगा.''

उन्होंने कहा, ''हम भी राजनीति में इतने वर्षों से हैं हमें भी बहुत सारी चीज़ों को अनुभव है तो क्यों नहीं भाजपा हमें अपने एजेंडे में शामिल करती है.''

विपक्ष की स्थिति मज़बूत

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संजय राउत के अनुसार इस बार विपक्ष के पास ऐसा काफी कुछ है जिससे उसे लग सकता है कि वह सरकार को घेर सकती है.

उन्होंने कहा, ''आज भले ही भाजपा को बहुमत मिला हुआ है लेकिन ऐसी स्थिति हमेशा नहीं रहने वाली. हमारे लोकतंत्र में ये बहुमत का खेल बहुत ही चंचल होता है. कल बहुमत होगा या नहीं होगा कोई नहीं कह सकता.''

उन्होंने आगे कहा, ''इसलिए अगर सरकार मुक़ाबले की तैयारी करती है और एनडीए के साथी उसके साथ होंगे, तो उसकी स्थिति और मज़बूत होगी.''

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