जल्द ही ख़ुशख़बरी देंगी गिर की शेरनियाँ

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गुजरात के गिर अभयारण्य के संरक्षित क्षेत्र में वन अधिकारियों ने कुछ गर्भवती शेरनियों को देखा है.

ये वन्य जीवन के उत्साही लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है

कुछ दिनों पहले गुजरात में बाढ़ के दौरान गिर के अभयारण्य से 10 शेर बह गए थे.

इससे वन्य जीवन और खासकर शेरों को लेकर को लेकर चिंता बढ़ गई थी जिनकी संख्या वैसे भी पिछले वर्षों में कम हुई है.

कुछ दिनों पहले ही नवजात शावकों की तस्वीर सोशल मीडिया पर बहुत लोकप्रिय हुई थी.

बाढ़ से जंगली जानवरों का भी नुकसान

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पिछले महीने गुजरात के अमरेली इलाके में बाढ़ के कारण 10 शेर और सैकड़ों जंगली जानवर मारे गए थे.

इनमें 1670 ब्लू बुल्स, 87 हिरण और कई काले हिरण शामिल थे.

एक शेरनी का गर्भकाल करीब 100 दिनों का होता है और सामान्यतः वह दो या तीन शावकों को जन्म देती है.

बाढ़ में एशियाई शेरों के बह जाने की ख़बर से काफी चिंता हो गई थी.

एशियाई शेर

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गुजरात के जूनागढ़ में 14,00 स्क्वेयर किलो मीटर और सौराष्ट्र क्षेत्र के 18,000 स्क्वेयर किलोमीटर में ही एशियाई शेर पाए जाते हैं.

इसी साल मई में शेरों की गणना हुई थी जिसमें कुल 523 शेर पाए गए थे.

गणना के मुताबिक वर्ष 2010 से शेरों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई. 2010 में सिर्फ 410 शेर थे.

हर साल मानसून के दौरान गिर अभयारण्य को बंद कर दिया जाता है.

जहां शेर पाए जाते हैं उसी इलाके से शेत्रुंजी नदी गुज़रती है.

इस साल गुजरात में बाढ़ में जानमाल का काफी नुकसान हुआ और करीब 70 लोग मारे गए.

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