मोदी-शाह फ़ैसलों पर शांता कुमार का 'निशाना'

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने कहा है कि व्यापमं घोटाला और ललितगेट की वजह से पार्टी का सिर शर्म से झुक गया है.

बीबीसी हिंदी से हुई बातचीत में शांता कुमार ने ये भी कहा कि भाजपा के मौजूदा नेतृत्व में संवाद की थोड़ी कमी हुई है.

शांता कुमार ने इन दो विवादास्पद मुद्दों और कई दूसरे मामलों पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को एक ख़त भेजा था जिसे उनके फ़ेसबुक पर पोस्ट किया गया था.

ख़त के कुछ हिस्से अख़बारों में कई जगह छपे हैं. उनके इस ख़त की सोशल मीडिया में भी ख़ूब चर्चा है.

पार्टी में कमी

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उन्होंने ये चिट्ठी 10 जुलाई को अमित शाह को भेजी थी लेकिन उन्हें अभी तक इसका जवाब हासिल नहीं हुआ है.

हालांकि उन्होंने अपने इस कदम को ये कह कर उचित ठहराया है कि ऐसा खुलापन सिर्फ़ भारतीय जनता पार्टी में ही हो सकता है, कांग्रेस जैसे दल में नहीं.

पार्टी में विचारों के आदान प्रदान की कमी की शिकायत पार्टी के दूसरे नेता पहले भी करते रहे हैं.

पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कुछ दिन पहले ही अपने 'वरिष्ठ' हो जाने पर कटाक्ष किया था.

संयम की 'सलाह'

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री रह चुके शांता कुमार का ये बयान ऐसे वक़्त आया है जब इन मामलों को लेकर विपक्षी कांग्रेस और दूसरे दल नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं.

हालांकि भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ताओं ने शांता कुमार की चिंता पर सीधा बयान देने से किनारा किया है और कहा है कि, '"पार्टी नेताओं को संयम बरतना चाहिए".

बीबीसी से बातचीत में शांता कुमार ने अपना पक्ष यही कह कर रखा कि वे पिछले 60 वर्षों से सेवा कर रहे हैं और इसके हितैषी हैं.

पूछे जाने पर कि अगर वे मौजूदा हालात में भाजपा अध्यक्ष होते तो व्यापमं और 'ललितगेट'जैसे आरोपों से कैसे निपटते, शांता कुमार ने सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया.

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