याक़ूब पर सलमान की राय बेतुकी: सलीम ख़ान

सलीम ख़ान (फ़ाइल फोटो)

मुंबई धमाकों के दोषी याक़ूब मेमन की फ़ांसी का विरोध करने के मुद्दे पर फ़िल्म स्टार सलमान ख़ान के ट्वीट का विरोध हो रहा है.

सलमान के पिता, केस के सरकारी वकील और दूसरे कई लोगों ने उनकी आलोचना की है और उन्हें ग़लत ठहराया है.

शनिवार की रात सलमान ने एक के बाद एक 51 मिनट में 14 ट्वीट किए थे. उन्होंने ट्वीट कर कहा, "एक बेग़ुनाह की फ़ांसी समूची इंसानियत का क़त्ल है."

याक़ूब मेमन को 2007 में विशेष अदालत ने फ़ांसी की सज़ा सुनाई थी. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने इस फ़ैसले को बरक़रार रखा था.

मुंबई में 1993 में सिलसिलेवार धमाकों में 250 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

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'सलमान के ट्वीट्स अर्थहीन'

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Image caption सलमान ख़ान याक़ूब मेनन को लेकर शनिवार की रात लगभग 14 ट्वीट्स किए थे.

सलमान के पिता सलीम ख़ान ने मीडिया से कहा,"जिस व्यक्ति को किसी मसले की जानकारी ही ना हो, उसके विचार का कोई महत्व नहीं होता."

सलीम ख़ान ने आगे कहा कि सलमान एक कलाकार हैं, इसलिए उन्हें अधिक कुछ नहीं पता. उन्होंने कहा, "सलमान ने जो कुछ ट्वीट किया है वह अर्थहीन है. मैं इसे सपोर्ट नहीं करता."

उनके इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक टीवी चैनल पर सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने कहा कि सलमान खान को अपने ट्वीट्स वापस लेने चाहिए, वर्ना वे उन पर क़ानूनी कार्रवाई करने पर विचार करेंगे. निकम ने कहा कि याक़ूब मेमन को निर्दोष बताना ग़लत है और सलमान अपनी लोकप्रियता का ग़लत फ़ायदा उठा रहे हैं.

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शिवसेना प्रमुख उद्दव ठाकरे ने कहा, "किसी को भी ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. इसे अनदेखा किया जाना चाहिए."

शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "अगर उसने ऐसा कहा है तो आप उसकी भावनाओं को समझिए."

अवमानना है क्या?

अभिनेता रज़ा मुराद ने सलमान के ट्वीट्स पर कहा, "ये सलमान ख़ान की निजी राय है, लोकतांत्रिक देश का नागरिक होने के नाते उन्हें अपनी राय ज़ाहिर करने का हक़ है."

सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने कहा, "सलमान का यह ट्विट बेहद आपत्तिजनक है. ऐसे इंसान को निर्दोष बताना जिसे कोर्ट ने अपराधी करार दिया है, सीधे अदालत की अवमानना है. एक सेलिब्रिटी होने के नाते आप लोगों की नज़रों में भी न्यायालय के प्रति संदेह पैदा कर रहे हैं. मैं चाहता हूँ सलमान अपना ट्वीट वापस लें."

उधर, वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी ने कहा, "उसने (याक़ूब) कई बहुमूल्य जानकारियां दी हैं, जिन्हें बाद में सही पाया गया है. मैं समझता हूँ कि इस फ़ैसले पर पुनर्विचार होना चाहिए."

'देश हित में नहीं'

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भारतीय जनता पार्टी ने नाम लिए बग़ैर ही सलमान खान की आलोचना की है. पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्र ने टेलीविज़न चैनल ‘एबीपी न्यूज़’ पर कहा कि जो लोग याकूब के फांसी का विरोध कर रहे हैं, वे चरमपंथ का परोक्ष समर्थन कर रहे हैं. उन्हें चरमपंथियों के लिए किसी तरह की सहानुभूति का वातावरण नहीं बनाना चाहिए.

पात्र ने कहा, “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता. कुछ लोग इसे किसी धर्म से जोड़ रहे हैं, वे ऐसा न करें. जो लोग राजनीति में इस तरह का बयान दे रहे हैं, वे देश का अहित कर रहे हैं.”

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