बिहार: नूडल्स के 11 ब्रांडों पर लगी रोक

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Image caption मैगी नूडल्स पर पहले से ही प्रतिबंध है.

बिहार में पांच और कंपनियों के 11 नूडल्स ब्रांड पर रोक लगा दी गई है.

1 सितंबर तक इनकी ख़रीद-बिक्री, दुकानों में भंडारण और प्रचार-प्रसार पर रोक रहेगी.

इसके पहले बिहार ने 5 जून को मैगी नूडल्स पर रोक लगा दी थी.

जिन पांच कंपनियों के नूडल्स ब्रांड पर रोक लगाई गई है वो हैं हिंदुस्तान यूनीलीवर, ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन कंज्यूमर हेल्थ केयर, कैपिटल फूड्स प्राइवेट, इंडो निस्सिन फूड्स और आईटीसी लिमिटेड.

ये ब्रांड्स हैं नॉर मसाला नूडल्स, फूडल्स मल्टी ग्रेन आटा मसाला, चिंग्स मंचूरियन और वेज हक्का नूडल्स, टॉप रैमन और यप्पी नूडल्स.

'मिला प्रतिबंधित एमएसजी'

राज्य सरकार ने इन कंपनियों से बाज़ार में मौजूद प्रतिबंधित नूडल्स के स्टॉक को वापस मंगाने को भी कहा है हालांकि कंपनियों को प्रतिबंधित अवधि के दौरान इन नूडल्स को गोदामों में रखने की इजाज़त होगी.

राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त और स्वास्थ्य सचिव आनन्द किशोर ने शनिवार को एक प्रेस कांफ़्रेंस में प्रतिबंधों की घोषणा की.

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आनन्द किशोर ने बताया, ‘जांच रिपोर्ट में मोनो सोडियम ग्लूटामेट यानी एमएसजी की मात्रा नूडल्स में पाई गई. इसके आधार यह प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है क्योंकि सूखे नूडल्स या पास्ता में इसे मिलाने की इजाज़त नहीं है.’

आनंद के मुताबिक यह मिसब्रांडिंग का मामला है और खाद्य सुरक्षा मानक कानून का उल्लंघन भी.

बिहार सरकार ने इन कंपनियों के नूडल्स की जांच वाणिज्य और उद्योग भारतीय परिसंघ यानी फिक्की के दिल्ली स्थित प्रयोगशाला में कराई थी.

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