याक़ूब मामले में सपा नेता निलंबित

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1993 के मुंबई बम धमकों के दोषी याकूब मेमन की पत्नी को सांसद बनाने की माँग करने वाले समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद फारुख घोसी को पद से निलम्बित कर दिया गया है.

वे पार्टी के महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष हैं.

मोहम्मद फारुख घोसी ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को ख़त लिखकर याकूब मेमन की पत्नी को सांसद बनाने की मांग ली थी.

उनके मुताबिक राहीन खुद 1993 बम धमकों की अभियुक्त थी जिन्हें बाद में बरी कर दिया गया था.

'असहायों की मदद करेंगी'

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घोसी ने ख़त में लिखा था, "समाजवादी पार्टी ने हमेशा से समाज के मजलूम तथा असहाय लोगों का साथ दिया है. अगर राहीन मेमन को संसद भेजा जाता है तो वह संसद में इन लोगों की आवाज बन सकती हैं."

शुक्रवार रात ख़त भेजने के बाद बीबीसी से बातचीत में मोहम्मद फारुख घोसी ने यह ख़त लिखने की बात स्वीकारते हुए कहा, "राहीन मेमन भी 1993 बम धमकों की एक अभियुक्त थी और कई साल जेल में रही थी. हालांकि उन्हें अदालत ने रिहा कर दिया था, उन्होंने जेल में हर वह तकलीफ सही जो एक कैदी सहता है. उन तकलीफों से राहीन भली भांति वाकिफ हैं. मैं मानता हूँ कि अगर उन्हें संसद सदस्य के रूप में लोक सभा या राज्य सभा में भेजा जाता है तो वह देश के असहाय तथा मजलूम लोगों की आवाज बनेगी और उनके लिए लड़ेंगी."

लेकिन मोहम्मद फारुख घोसी की यह राय पार्टी के आला नेताओं ने सिरे से ख़ारिज करते हुए उन्हें शनिवार सुबह महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष के पद से निलम्बित कर दिया.