वन रैंक वन पेंशनः अनशन से अस्पताल पहुंचे कर्नल

वन रैंक वन पेंशन

'वन रैंक वन पेंशन' को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर आठ दिन से आमरण अनशन पर बैठे कर्नल पुष्पेन्द्र सिंह को सोमवार को आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

कर्नल पुष्पेन्द्र सिंह की मेडिकल रिपोर्ट में 'कीटोन' के बढ़े हुए स्तर को देखते हुए यह फैसला किया गया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों के आंदोलन के चेयरमैन मेजर जनरल सतबीर सिंह का कहना है, "जांच करने वाले डॉक्टर का कहना है कि उनका कीटोन स्तर बढ़ा हुआ है इसलिए उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाने की ज़रूरत है. कर्नल सिंह तो नहीं जाना चाहते थे लेकिन हमने उन्हें मना लिया."

एक अन्य वरिष्ठ सैनिक हवलदार साहेब सिंह (रिटायर्ड) ने उनकी जगह ली है और आमरण अनशन पर बैठ गए हैं.

'लौटकर आऊंगा'

कर्नल पुष्पेन्द्र सिंह का कहना है, "मैं लौटकर आऊंगा और अपना अनशन जारी रखूंगा. मैं जाना नहीं चाहता लेकिन लोग चाहते हैं कि मैं अस्पताल जाऊं. लोग बता रहे हैं कि कीटोन का स्तर बढ़ने से दिमाग पर असर पड़ सकता है."

कर्नल पुष्पेन्द्र सिंह की बेटी ने कहा, "सैनिकों में गुस्सा है और सरकार को निश्चित करना चाहिए कि सैनिकों को उनका अधिकार मिले और उनके साथ ऐसा बर्ताव न हो."

दिल्ली में भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी और जवान कई दिनों से 'वन रैंक वन पेंशन' की मांग के साथ आंदोलन कर रहे हैं.

देश के विभिन्न हिस्सों से आए पूर्व सैनिकों ने 'वन रैंक वन पेंशन' की अपनी मांग को लेकर अपने मेडल भारत के राष्ट्रपति को लौटाए थे.

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