गुजरात : सूरत और पाटन में कर्फ़्यू हटा

गुजरात में पटेल आरक्षण पर हुए प्रदर्शन के बाद शुरू हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य के तीन शहरों में कर्फ़्यू लगा हुआ है. मोबाइल सर्विसेज़ की कई सेवाओं जैसे एसएमएस और इंटरनेट को बंद कर दिया गया है.

अहमदाबाद के नौ पुलिस थाना क्षेत्रों के अलावा मेहसाणा, नवसारी और कड़ी में लगा कर्फ़्यू अभी भी जारी है. जबकि सूरत और पाटन से कर्फ़्यू पूरी तरह हटा लिया गया है.

दूसरी ओर पटेलों के नेता हार्दिक पटेल ने मौतों के लिए 'जिम्मेदार' पुलिसकर्मियों को 48 घंटें के भीतर निलंबित करने और मारे गए लोगों के परिवार को 30-30 लाख रुपए का मुआवज़ा दिए जाने की मांग की है.

उन्होंने किसानों से अपील की है वे शहरों में दूध और सब्ज़ियों की सप्लाई बंद कर दें. गुजरात के पटेल समुदाय में कृषकों की बड़ी तादाद है.

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राज्य में सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए सरकार ने सेना को बुला लिया था.

हथियार जमा करें

राजकोट के पुलिस कमिश्नर मोहन झा ने लोगों से लाइसेंस वाले हथियारों को पुलिस के पास जमा करवाने की अपील की है.

बीती रात सूरत में घायल हुए एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई. वहीं बनासकांठा में दो पीड़ित परिवारों ने अस्पताल से शव लेने से इंकार कर दिया है. उन्होंने इस मौत के लिए ज़िम्मेदार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है.

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प्रदर्शन

सूरत में बुधवार रात लोगों की भीड़ को तित्तर बित्तर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया और प्रदर्शनकारियों ने एक मॉल में तोड़ फोड़ की.

वहीं वापी में एक बस जलाने की घटना भी सामने आई है. यहां रेलपटरियों को भी नुकसान पहुंचाया गया है जिसकी वजह से दिल्ली से अहमदाबाद आने वाली गाड़ियों को आबू में ही रोकना पड़ा.

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इन इलाकों में छुटपुट पथराव और झड़प की खबरें भी सामने आई है.

अन्य पिछड़ा वर्ग में आरक्षण की मांग को लेकर पटेल समुदाय ने 25 अगस्त को एक रैली निकाली थी.

अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान में हुए आयोजन में हज़ारों की संख्या में लोग सूबे के अलग-अलग हिस्सों से शामिल हुए थे.

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