स्मार्टनेस का स्कोर, बिहार-3, उत्तर प्रदेश-12

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स्मार्ट शहरों के चयन के मामले में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु ने बाज़ी मार ली है. इन दोनों राज्यों के 12-12 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा.

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि देश में 98 स्मार्ट शहर होंगे. उन्होंने कहा कि हर राज्य को कम से कम एक स्मार्ट सिटी दी गई है.

उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के अलावा महाराष्ट्र के 10, मध्य प्रदेश के सात, बिहार और आन्ध्र प्रदेश के तीन-तीन, गुजरात और कर्नाटक के छह-छह शहरों को इस योजना के लिए चुना गया है.

योजना की अवधि

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नायडू ने कहा कि इस योजना के लिए राज्यों में एक तरह की प्रतिस्पर्धा थी.

वेंकैया नायडू का कहना था कि यह योजना पांच साल की होगी. उन्होंने कहा कि स्मार्ट शहरों के चुनाव के दो और चरण होंगे.

उन्होंने कहा कि बचे हुए शहरों से कहा जाएगा कि वो फिर से तैयारी करें और कमियों को पूरा करें ताकि दूसरे चरण में उनका चयन हो सके.

बताया गया है कि इन शहरों में उच्च गुणवत्ता वाली जीवन शैली को मुख्य केंद्र में रखा गया है, जो किसी भी यूरोपीय देश के शहरों से तुलना कर सकेंगे.

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इन शहरों में विश्वस्तर की आधारभूत संरचना, अच्छे वातावरण के लिए अगले पांच साल में हर शहर को 100 करोड़ रुपए हर साल देने का प्रावधान किया गया है. पहले साल हर शहर को 200 करोड़ रुपए मिलेंगे.

राज्य सरकारें भी इन शहरों के विकास के लिए हर शहर को 100 करोड़ रुपए हर साल देगी. वैसे तो यह योजना 48 हज़ार करोड़ रूपए की है. लेकिन राज्यों के योगदान से यह बढ़कर 96 हज़ार करोड़ की हो गई है.

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