अरविंद इज़ आप, आप इज़ अरविंदः धरमवीर गांधी

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आम आदमी पार्टी (आप) के निलंबित सांसद धरमवीर गांधी ने आरोप लगाया है कि पार्टी अपने अस्तित्व के दो साल में ही उस स्थिति में पहुंच गई है जहां पहुंचने में कांग्रेस को 90 साल और भाजपा को 28 साल लगे.

आप ने शनिवार को पंजाब के अपने दो सांसदों धरमवीर गांधी और हरिंदर सिंह ख़ालसा को निलंबित करने की घोषणा की थी.

गांधी पटियाला से और ख़ालसा फ़तेहगढ़ साहिब से सांसद हैं. उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं.

गांधी ने बीबीसी के साथ साक्षात्कार में कहा कि अमृतसर के पास बाबा वकाला में आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम में 22 ज़िलों के प्रतिनिधि आए थे.

उनकी यह शिकायत थी कि हाई कमान राज्य इकाई की स्वायत्तता पर अंकुश लगा रहा है. यह अलोकतांत्रिक है.

उसूलों के साथ समझौता

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उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि होने के नाते वह ख़ालसा के साथ इस कार्यक्रम में गए थे. लोगों के मन में आक्रोश था कि पंजाबी उसूलों के साथ समझौता किया जा रहा है. जब भी इसके ख़िलाफ़ कोई आवाज़ उठाता है तो उसे निकाल दिया जाता है.

हर पार्टी सिद्धांत के साथ शुरू होती है लेकिन धीरे-धीरे उनमें भटकाव शुरू होता है. कांग्रेस को 'इंदिरा इज़ इंडिया, इंडिया इज़ इंदिरा' की स्थिति में पहुंचने में 90 साल लगे थे.

भाजपा को 'मोदी इज़ बीजेपी, बीजेपी इज़ मोदी' तक पहुंचने में 28 साल लगे. आप को 'अरविंद इज़ आप एंड आप इज़ अरविंद' तक पहुंचने में केवल दो साल लगे.

गांधी ने कहा कि उनका काम पार्टी नेतृत्व को ख़ुश करना नहीं है बल्कि उन सिद्धांतों पर पहरा देना है जिनके लिए वह 65 साल की उम्र में डॉक्टरी पेशा छोड़कर राजनीति में आए थे.

लोगों की सेवा

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गांधी ने कहा, "जब भी वैकल्पिक राजनीति के साथ समझौता होगा या उस पर आंच आएगी तो मैं आवाज़ उठाऊंगा. मुझे इसकी परवाह नहीं है कि कोई ख़ुश है या नहीं."

यह पूछे जाने पर कि अगर पार्टी उन्हें निकालती है तो उनका अगला क़दम क्या होगा, गांधी ने कहा कि उन्होंने 40 साल डॉक्टरी के ज़रिए लोगों की सेवा की है और आगे भी बतौर सांसद और डॉक्टर वह लोगों की सेवा करते रहेंगे.

उन्होंने कहा कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से उनकी लंबे समय से कोई बात नहीं हुई है. दो महीने पहले उनकी संजय सिंह से बात हुई थी जिसमें उन्होंने पार्टी की नीतियों के बारे में अपने रुख़ को स्पष्ट कर दिया था.

(बीबीसी संवाददाता समीरात्मज मिश्र से बातचीत पर आधारित)

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