बिहार: किन मुद्दों से बचे मोदी, कहाँ किया पलटवार?

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Image caption नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज़ जनता दल यूनाइटेड ने भाजपा से किनारा कर लिया था.

पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्वाभिमान रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कई सवाल दागे थे.

मंगलवार को भागलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक घंटे से लंबा भाषण दिया और नीतीश-लालू-सोनिया को घेरने की कोशिश की. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राम मनोहर लोहिया ने जीवन भर कांग्रेस के खिलाफ़ लड़ाई लड़ी, उन्हीं लोहिया के कुछ लोग सत्ता के लोभ में कांग्रेस के साथ हो गए हैं.

सोनिया-नीतीश-लालू ने रविवार को कई सवाल उठाए थे, लेकिन मोदी मंगलवार को ज़्यादा समय बचाव की मुद्रा में नज़र आए.

पढ़ें स्वाभिमान रैली में उठे सवाल, मोदी की प्रतिक्रिया:

सोनिया: मोदी सरकार 'शोबाज़' है और उसने जो एक करोड़ नौकरियां देने का वादा किया गया था उनका क्या हुआ?

मोदी: हिसाब उन्हें देना चाहिए जिन्होंने 25 साल तक बिहार पर राज्य किया है. मैं वादा करता हूं कि 2019 में जब लोकसभा का चुनाव आएगा मैं फिर से वोट मांगने आउंगा, तब पूरा हिसाब दूंगा कि क्या क्या किया, पाई-पाई का हिसाब दूंगा.

सोनिया: कुछ लोगों को बिहार को नीचा दिखाने में आनंद आता है जबकि कांग्रेस ने हमेशा बिहार का सम्मान किया है.

नीतीश: जिनके पूर्वजों का देश की आज़ादी में योगदान नहीं है, वो हमारे डीएनए को गड़बड़ कहते हैं? मैं कौन हूँ? मेरा डीएनए वहीं है जो बिहार में सभी का है."

मोदी: परसों की रैली में इतने अहम लोग थे, क्यों थे? इसकी व्याख्या आपको करनी है, मुझे लगा था कि इतनी अहम रैली में वो बिहार की प्रगति की बात करेंगी. ... लेकिन न सिर्फ बिहार निराश हो गया, पूरा हिंदूस्तान निराश हो गया, क्योंकि उस सभा में बिहार कैसा बने, बिहार को किस तरह आगे ले जाया जाए, इस विषय में कोई चर्चा नहीं हुई.

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Image caption नीतीश के कांग्रेस के साथ जाने की चर्चा काफ़ी वक़्त से थी लेकिन मोदी ने इस मामले पर भी नीतीश-लालू को घेरने की कोशिश की.

मतदाताओं को वोट क्यों देना चाहिए इसके लिए कोई मुद्दे नहीं दिए गए. सबका एक ही कार्यक्रम था – मोदी, मोदी, मोदी , मोदी ....., मोदी

नीतीश: "जो लोग मुख्यमंत्री की छाती तोड़ देने की बात करते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री बिहार में आकर प्रिय मित्र बताते हैं. लालू जी को देखते हैं, तो कहते हैं जंगलराज आ जाएगा.

क्राइम के आंकडों को देखें तो एक लाख की आबादी के पीछे गुजरात में 213 और बिहार में 174 अपराध होते हैं. महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में दिल्ली में हालात बिहार से कहीं ज़्यादा ख़राब हैं.

सोनिया: प्रधानमंत्री ने हर मुद्दे पर मौन धारण कर रखा है जिससे जनता का उनसे यक़ीन उठ गया है.

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नीतीश: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिया जा रहा है? ये 1.25 लाख करोड़ का पैकेज देने की बात करते हैं, लेकिन इनमें 1.08 लाख करोड़ तो पुराना ही है."

मोदी: आरा में मैंने 1.25 हज़ार करोड़ के पैकेज का ऐलान किया. 40,000 करोड़ रूपये पहले का था, कुल मिलाकर हमने 1.65 लाख करोड़ रूपये का पैकेज घोषित किया है.

दो तीन दिन तो ये लोग हमारे पैकेज का मज़ाक उड़ाते रहे, हमारे बाल की खाल निकालते रहे, लेकिन बिहार की जनता को मुर्ख नहीं बना पाए. मोदी ने जो बिहार को दिया है अगर उसका मज़ाक उड़ाते रहेगे तो बिहार की जनता माफ नहीं करेगी, अगर सबसे तेज़ जनता कहीं की है तो वो बिहार की है. भारत सरकार और राज्यों के बीच धन का आवंटन जैसे होता है, उसे फाइनांस कमीशन तय करता है और मेरा पैकेज उससे अलग है.

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