पूर्व सैनिक असंतुष्ट, जारी रहेगा आंदोलन

वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों के नेता मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की घोषणा पर असंतोष जताया है.

उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्व सैनिकों की सिर्फ एक मांग मानी है और बाकी मांगों पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है.

सरकार ने वन रैंक वन पेंशन लागू किया

इससे पहले पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधि रक्षा मंत्री से मिले थे जिसके बाद उन्होंने कहा था कि सरकार ने 'वन रैंक वन पेंशन' की व्यापक अवधारणा को मंज़ूर कर लिया है.

इसके बाद दिल्ली स्थित रक्षा मुख्यालय में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने पूर्व सैनिकों की मांग मान ली है.

'जारी रहेगा आंदोलन'

रक्षामंत्री ने कहा कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन नीति का फायदा नहीं मिलेगा.

इसके जबाव में पूर्व सैनिकों के नेता मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने कहा है कि ऐसा करना ठीक नहीं होगा क्योंकि भारतीय सेना में 40 प्रतिशत सैनिक पहले ही सेना छोड़ देते हैं.

सतबीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक इस बात से भी नाख़ुश हैं कि सरकार अब पांच साल बाद इस नीति की समीक्षा करेगी.

पूर्व सैनिकों का कहना है कि सरकार ने उनकी सभी मांगे नहीं मानी हैं और उनका आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा.

'वन रैंक वन पेंशन' की मांग के साथ पूर्व सैनिक बीते लगभग ढाई महीनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

पूर्व सैनिकों की इस मांग के समर्थन में विरोधी राजनीतिक दल भी मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते रहे हैं.

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