फ़ैशनपरस्त पेरिस में चीनियों का बोलबाला..

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चीन की 36 साल की इंजीनियर लिंग जैंग जब पहली बार यूरोप की यात्रा पर गईं तो वो सबसे पहले पेरिस गईं.

वह कहती हैं, "मेरे सभी दोस्तों ने कहा था कि पेरिस में ठहरना ही चाहिए. लोगों ने मुझे बताया था कि यह काफी रोमांटिक, सुंदर और शानदार लोगों का देश है." लिंग साथ ही ये भी कहती हैं कि अगले पांच साल में वे एक बार फिर पेरिस आएंगी.

दरअसल चीनी पर्यटकों का नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन है फ़्रांस की राजधानी पेरिस. 2014 में छह लाख से आठ लाख के बीच चीनी पर्यटकों ने पेरिस की यात्रा की है. यह 2013 के मुक़ाबले 20 फ़ीसदी ज़्यादा है. पेरिस के टूरिस्ट बोर्डों का मानना है कि यह चलन आने वाले समय में भी बना रहेगा.

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पिछले दिनों चीन की मुद्रा में अवमूल्यन देखने को मिला है, स्टॉक एक्सचेंज में भी गिरावट आई लेकिन इससे चीनी लोगों की लग्जरी शॉपिंग कम होती नज़र नहीं आती है. अर्थशास्त्री विकास दर को लेकर चिंतित जरूर हैं, लेकिन लग्ज़री सामान खरीदने वालों पर इसका असर पड़ेगा, जानकार ऐसा नहीं मानते.

मंदी का असर नहीं

बीएनपी पारीबास के मुख्य अर्थशास्त्री विलियम डे विजलडर पेरिस आने वाले बहुत अमीर और अन्य चीनी पर्यटकों में अंतर को महसूस करते हुए कहते हैं, "आम चीनी पर्यटकों पर चीनी स्टॉक मार्केट में आई गिरावट का असर पड़ेगा लेकिन अमीर चीनियों के खर्च करने के तौर तरीके में बदलाव नहीं होगा."

विजलडर कहते हैं कि, "जो लोग यात्रा करने का मन बना चुके होते हैं वो पहले से ही खर्च को देख चुके होते हैं. लग्जरी शॉप्स पर वे अपना पर्स देखकर खरीददारी का फ़ैसला नहीं करते."

पेरिस भी अपने इन पर्यटकों का खुले हाथों से स्वागत कर रहा है. शहर में होटलों में आकर्षक डिस्काउंट उपलब्ध हैं. इतना ही नहीं चीनी पर्यटकों का ख़्याल रखने वाले मोबाइल फोन एप्लिकेशन और लग्जरी उत्पाद भी बाजार में उपलब्ध हैं. नए चीनी साल के मौके पर ख़ास रंग वाले हैंडबैग, एशियाई टेस्ट की और चीज़ें और ख़ास शराब कॉग्नेक भी उपलब्ध होती है.

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चीनी पर्यटकों से संवाद बढ़ाने के लिए टूरिस्ट बोर्ड ने हाल ही में 'डू यू स्पीक टूरिस्ट' नामक बुकलेट जारी किया है, जो टैक्सी चालकों, होटलों और रेस्तरां के लिए है ताकि वे पर्यटकों के साथ बेहतर व्यवहार कर सकें.

सबसे अधिक ख़र्च करते हैं चीनी पर्यटक

ऐसे में एक सवाल यह है कि चीनी पर्यटक किस तरह से लग्जरी शॉपिंग करते हैं. घड़ी से लेकर चमड़े के सामान और फैशन की चीजों के प्रति उनका ख़ूब लगाव होता है.

चीनी फैशन की चीजों के प्रति अपने लगाव को गंभीरता से लेते हैं, वे इसे ख़ास रणनीति के तौर पर ही देखते हैं. 37 साल की वेंग वेई कहते हैं, "जब हम पहली बार पेरिस गए थे, तब हम लोगों ने आठ घंटे से भी ज़्यादा समय शॉपिंग माल्स में बिताए."

वेंग वेई 2006 में पेरिस गए थे और तब से लेकर अब तक चार बार पेरिस की यात्रा कर चुके हैं. वे कहते हैं, "चीनी पर्यटक ऑनलाइन देखते हैं, क़ीमतों की तुलना करते हैं. वे ये भी देखते हैं कि कौन सा उत्पाद अब तक चीन में नहीं पहुंचा है. उन्हें मालूम होता है कि क्या खरीदना है."

द कमेटी रिजनल द टूरिज्म के अनुमान के मुताबिक औसतन चीनी यात्री अपनी हर यात्रा पर करीब 1100 यूरो खर्च करता है. यह दुनिया के किसी भी देश से पेरिस आने वाले लोगों की तुलना में सबसे ज़्यादा है. इसके बाद रूसी आते हैं, जो अपनी पेरिस यात्रा के दौरान औसतन 1076 यूरो प्रति व्यक्ति प्रति यात्रा खर्च करते हैं.

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इसके प्रबंध निदेशक फ्रांस्वां नावारो कहते हैं, "हर आदमी आपने साथ फ़्रांस में बना उपहार खरीद कर ले जाता है. पेरिस में खरीदा हुआ बैग बीजिंग में खरीदे हुए बैग जैसा नहीं होता."

लग्ज़री खरीददारी में 40 फ़ीसदी हिस्सा

चीनी पर्यटक ज़्यादा पैसे खर्च कर सकें, इसके लिए उन्हें न्यूनतम सेल्स टैक्स अदा करना होता है. इसके अलावा पर्यटक यूरोपीय यूनियन देशों को छोड़ने के बाद वैट टैक्स (वैल्यू एडेड टैक्स) वापस ले सकते हैं. चीन में लग्ज़री उत्पाद पर काफ़ी ज़्यादा टैक्स लगता है.

5 से 20 फ़ीसदी के कंजप्शन टैक्स और आयात शुल्क मिलाकर कई बार उत्पाद 180 फ़ीसदी महंगे हो जाते हैं. यही वजह है कि कई लग्ज़री उत्पाद चीन के मुक़ाबले यूरोप में आधी दर पर मिलते हैं.

इस साल फरवरी में प्रकाशित एचएसबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक फ़्रांस में कुल लग्ज़री बिक्री में 40 फ़ीसदी हिस्सा चीनी पर्यटकों ने खर्च किया है.

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पेरिस का ग्रांड मैगासिंस, जो एक तरह से लंदन के हैरड्स और न्यूयार्क ब्लूमिंगलडेल्स जैसा है. शापिंग के लिए दुनिया भर में मशहूर इस जगह पर चीनी पर्यटकों को रिझाने की हरसंभव कोशिश होती है.

यहां मुफ़्त में वाई-फाई की सुविधा होती है, मैंड्रिन (चीनी भाषा) बोलने वाले स्टॉफ, वीआईपी लाऊंज होते हैं और एक्सप्रेस शॉपिंग लेन होते हैं. यह सब पर्यटकों के लिए ख़ास तौर पर आरक्षित होते हैं. अमूमन चीनी पर्यटक पेरिस में डेढ़ दिन रुकते हैं, ऐसे में उनके पास ख़रीददारी के लिए बहुत ज़्यादा वक्त नहीं होता.

पेरिस में एक बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर बॉन मार्चे के उप निदेशक मैरी ब्राट कहती हैं, "चीनी पर्यटकों का चीनी बोलने वाले स्टॉफ स्वागत करते हैं. उनके उत्पादों की डिलेवरी सीधे होटल में होती है."

मैरी के मुताबिक चीनी पर्यटक अमूमन फ्रांस के बड़े लग्ज़री ब्रैंड के सामान, जैसे रोजर विवियर के जूते, बैग और मोयना के सामान की ख़रीददारी करते हैं, जो अमूमन चीन में नहीं मिलता.

सस्ता भी, ब्रांडेड भी

बॉन मार्चे में एक वीआईपी डी-टैक्स ब्यूरो भी खुला है जो पर्यटकों के वैट टैक्स को रिइंबर्स करने का काम करत है. स्टोर में इन हाउस रेस्तरां भी मौजूद है.

इस तरह की सुविधा पेरिस की दूसरे बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर ला प्रिंटेम्प्स और गैलरी लाफायते में भी मौजूद है.

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कंसलटेंट सर्विस 3ई के मुताबिक लाफायते की 30 फ़ीसदी कमाई चीनी पर्यटकों से होती है. इस बारे में लफायते से बात करने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

क्रिसमस और जनवरी के बाद पेरिस के बाज़ार में थोड़ी मंदी हुआ करती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है. चीन के नए साल के मौके पर गैलरी में करीब 100 बसों में भरे चीनी पर्यटक पहुंचते हैं. गैलरी में अमूमन चार हजार पर्यटक रोजाना पहुंचते हैं.

एचएसबीसी के कंज्यूमर और रिटेल इक्विटी रिसर्च के प्रमुख और द बिलिंग डायनेस्टी के लेखक इरवान रामबोर्ग कहते हैं, "इन शॉप्स में शॉपिंग की ज़्यादा जगह होती है. वीआईपी लॉऊंज में ज़्यादा अमीर उपभोक्ता आते हैं और वे भीड़ में शामिल होना नहीं चाहते."

चीनी ख़रीददारों के चलते मेगा ब्रैंड के स्टोर अपने नए उत्पादों को जल्द ही लाने लगे हैं. इतना ही नहीं नए उत्पाद बीजिंग और शंघाई के स्टोर पर भी जल्द पहुंचने लगे हैं.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.

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