'वीआरएस मुद्दा नहीं, ओआरओपी सभी के लिए'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि 'एक रैंक एक पेंशन' के मुद्दे पर भ्रम फैलाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि वीआरएस कोई मुद्दा नहीं है, यानी समय से पहले रिटायरमेंट लेने वालों को भी इसका फ़ायदा मिलेगा.

फ़रीदाबाद में मेट्रो की लाइन का उद्घाटन करते हुए प्रधानममंत्री मोदी ने कहा कि इसका सबसे ज़्यादा लाभ 80-90 फ़ीसदी जवानों को ही मिलेगा.

उन्होंने साफ़ किया कि ओआरओपी मुद्दे पर एक सदस्य वाली समिति कोई वेतन आयोग नहीं है. वह सिर्फ़ यह देखेगी कि 'एक रैंक एक पेंशन' स्कीम में कोई ख़ामी तो नहीं है. यदि कोई कमी रह गई है तो उसे दूर करने के उपाय बताएगी.

विपक्ष पर वार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जिन्होंने 40-42 साल तक काम नहीं किया, उन्हें बोलने का क्या हक है? फ़ैशन चल पड़ा है कि जब सरकार कोई भी बड़ा काम करती है तो कुछ लोग उसका विरोध करते हैं. जिन्हें जनता ने रिजेक्ट कर दिया, वो लोग देश को आगे बढ़ने नहीं देना चाहते."

'आर्थिक पंडितों ने माना, भारत टिका रहा'

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Image caption क्रिस्टीन लगार्द, आईएमएफ़ प्रमुख

मोदी ने कहा है कि आर्थिक पंडितों ने भी कह दिया है कि दुनिया में इतनी मंदी के बीच अगर कोई देश टिका रहा तो वो भारत है.

उन्होंने दावा किया कि यही बताता है कि सरकार ने 15 महीने में जो नीतियं अपनाईं वो सही हैं क्योंकि इतनी बड़ी आंधी के बावजूद हम (भारत) टिके रहे हैं.

हाल के दिनों में संसद में विपक्ष के साथ टकराव के कारण लंबित पड़े विधेयकों की बात किए बिना मोदी ने इशारा किया कि वे सभी राज्यों के साथ सहयोग के इच्छुक हैं.

उन्होंने कहा, "हम यहीं नहीं रुकेंगे. आगे का रास्ता करोड़ों भारतीयों के सहयोग, सभी राज्यों और केंद्र के कंधे से कंधा मिलाकर चलने से तय होगा."

प्रधानमंत्री ने देश के मूलभूत ढांचे को मज़बूत करने पर ज़ोर देते हुए कहा कि जब तक इन्फ़्रास्ट्रक्चर का निर्माण नहीं होगा, देश आगे नहीं बढ़ेंगे.

ढांचागत सुविधाओं के विकास पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बिना विकास का फ़ायदा पिछड़े लोगों को नहीं मिलेगा.

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