छत्तीसगढ़: माओवादियों ने रिहा किया एक बंधक

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में संदिग्ध माओवादियों द्वारा अपह्रत सात में से छह ग्रामीणों का अब तक पता नहीं चल पाया है.

माओवादियों ने जारम के पूर्व सरपंच और जनपद सदस्य गंगूराम कश्यप को शनिवार देर रात रिहा कर दिया है.

शुक्रवार रात जारम के पूर्व सरपंच गंगूराम कश्यप समेत मेटापाल के एक पूर्व सरपंच और एक ग्रामीण को माओवादी घर से उठा कर ले गए थे.

दूसरी घटना में गदापाल की सरपंच मलको बाई, उनके पति पूर्व सरपंच लिंगाराम मंडावी, गांव के कोटवार हिरमा मंडावी और बस ड्राइवर मंगल मंडावी को शनिवार को माओवादी ले कर चले गए थे.

इधर ज़िले के पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप ने कहा, "माओवादी अपनी बैठकों में गांव वालों को बुलाते हैं. शुक्रवार और शनिवार को भी तीन-चार गांवों के लोगों को बुलाया गया था."

पुलिस अधीक्षक ने दावा किया कि माओवादियों की बैठक में गये ग्रामीण लौट आए हैं.

शव के साथ रखे पर्चे में पुलिस पर गंभीर आरोप

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इससे पहले माओवादियों ने एक सहायक आरक्षक पीलादास का भी अपहरण गोरगुंडा से किया था, जिनका शव शनिवार को पोलमपल्ली बाज़ार के पास मिला था.

शव के साथ माओवादियों ने एक पर्चा छोड़ा था जिसमें पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

माओवादियों का डिप्टी कमांडर गिरफ़्तार

इधर छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाक़े में झारखंड से लगे हुए बलरामपुर ज़िले में पुलिस ने रविवार सुबह माओवादियों के साथ मुठभेड़ के बाद 5 लोगों को हथियार के साथ गिरफ़्तार करने का दावा किया है.

ज़िले के एसपी सदानंद कुमार के अनुसार, “जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है उनमें माओवादी संगठन का डिप्टी कमांडर राजेंद्र खैरवार भी शामिल है. खैरवार के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ और झारखंड में कई मामले दर्ज हैं.”

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