पूर्ण सहमति बनने तक पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन जारी

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Image caption पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ओआरओपी में वीआरएस (स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति) कोई मुद्दा नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ़रीदाबाद में एक रैली में कहा कि वन रैंक वन पेंशन का फ़ायदा सभी रिटायर्ड सैनिकों को मिलेगा और वीआरएस (स्वेच्छा से रिटायरमेंट) लेने वाले सैनिकों के बारे में भी लागू होगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो सैनिकों 15-20 साल की सेवा के बाद रिटायर होते हैं, वो भी इसके हकदार होंगे.

प्रधानमंत्री के बयान के बाद पूर्व सैनिकों के नेता मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने कहा कि वीआरएस पर ऐलान के बाद उनके साथी भूख हड़ताल ख़त्म कर रहे हैं लेकिन प्रदर्शन जारी रहेगा.

सतबीर सिंह ने कहा कि जब तक सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन जाती प्रदर्शन और तेज़ किए जाएंगे और 12 सितंबर को दिल्ली में विशाल रैली होगी.

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Image caption पूर्व सैनिकों दो महीनों से अधिक समय से वन रैंक वन पेंशन के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

प्रदर्शन कर रहे सैनिकों कि जिस मांग पर अभी मतभेद बना हुआ है, वो है पांच साल पर पेंशन की रिवीज़न. सतबीर सिंह ने कहा के इस बारे में पांच साल के बाद रिवीज़न स्वीकार्य नहीं है, फिर ये चाहे एक साल हो या फिर दो साल हो.

कांग्रेस का पलटवार

यूपीए की सरकार में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान की आलोचना की है.

उन्होंने कहा कि यह कहकर कि बीते चार दशकों में किसी सरकार ने ओआरओपी के लिए कुछ नहीं किया, मोदी अपने नेता अटल बिहारी वाजपेयी पर भी हमला कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पहले जनता पार्टी की सरकार (जिसमें जनसंघ का विलय हुआ था) और फिर भाजपा के नेतृत्व वाली वाजपेयी सरकार का कार्यकाल भी इन्हीं 40 सालों में आता है.

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