'डेटा बढ़ाओ, पर कॉल ड्रॉप नहीं चलेगा'

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केंद्रीय दूरसचांर मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है मोबाइल ऑपरेटर्स को डेटा बढ़ाने की चाह में कॉल्स की अनदेखी नहीं करने दी जाएगी.

बीबीसी से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कॉल ड्रॉप के लिए मोबाइल टावर से रेडिएशन के डर का कोई आधार नहीं है.

उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी स्पष्ट किया है कि मोबाइल टावर से रेडिएशन नहीं होता है.

क्यों हो रही हैं इतनी ज़्यादा कॉल ड्रॉप?

सरकारी बिल्डिंगों पर लगेंगे टावर

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रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने कॉल ड्रॉप के मुद्दे पर हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक की है.

उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को लिखा गया है कि वे सरकारी बिल्डिंगों पर टावर लगाने की अनुमति दें.

साथ ही कैबिनेट ने स्पेक्ट्रम ट्रेडिंग की भी मंज़ूरी दे दी है, यानी अगर किसी कंपनी के पास अतिरिक्त स्पेक्ट्रम पड़ा हुआ है तो वह इसे किराए पर दूसरी मोबाइल कंपनी को दे सकता है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इससे अधिक ग्राहकों वाली मोबाइल कंपनियां छोटी कंपनियों का स्पेक्ट्रम ले सकेंगी, जो कि कंपनी और ग्राहक दोनों के लिए फ़ायदे का सौदा होगा.

'कॉल्स की अनदेखी नहीं'

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ऑपरेटर्स भी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए निवेश बढ़ाएंगे. जहाँ कन्फिग्रेशन नहीं है, वहाँ कन्फिग्रेशन करेंगे.”

उन्होंने स्पष्ट किया कि डेटा बढ़ाना अच्छी बात है, लेकिन टेलीकॉम ऑपरेटर्स कॉल्स की अनदेखी नहीं कर सकते.

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भारतीय दूरसंचार प्राधिकरण यानि ट्राई ने हाल ही में लोगों से सुझाव मांगे हैं कि क्यों न पाँच सेकंड से कम समय वाली कॉल्स को ‘कॉल ड्राप’ मानने का नियम बना दिया जाए.

साथ ही ट्राई ने कहा है कि यदि कॉल इससे लंबी हो, लेकिन ड्रॉप हो जाए तो इसका पैसा ग्राहकों से वसूल नहीं किया जाना चाहिए.

फिलहाल कॉल ड्रॉप का निदान ट्राई के पास इसका हर्जाना देना ही है.

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