'प्रशासन की लापरवाही से हुआ झाबुआ हादसा'

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मध्यप्रदेश के झाबुआ ज़िले में पेटलावद क़स्बे में गैस सिलेंडर फटने के बाद से लोगों में ग़ुस्सा है.

लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर जिस मकान में फटा उसके बग़ल के मकान में विस्फोटक पदार्थ रखा हुआ था.

इसकी शिकायत ज़िलाधिकारी से जन सुनवाई में की गई थी लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की तरफ़ से कोई कार्रवाई नहीं की गई.

इस विस्फोट में कम से कम 85 लोग मारे गए हैं और 39 लोग घायल हुए हैं.

झाबुआ के प्रभारी मंत्री अंतर सिंह आर्य ने बीबीसी के साथ बातचीत में जानकारी दी है कि पहले सिलेंडर में धमाका हुआ और फिर पास के एक मकान में रखी जिलेटिन की छड़ों में धमाका हो गया, जिससे बड़े पैमाने पर नुक़सान हुआ.

जिलेटिन की छड़ें

उन्होंने बताया कि इसकी जाँच के आदेश दे दिए गए हैं कि जिलेटिन की छड़ें वहाँ कैसे पहुँची.

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विस्फोट शनिवार सुबह 8.30 बजे के आसपास बस स्टैंड के नज़दीक एक होटल में हुआ. उस वक़्त घटनास्थल पर काफ़ी भीड़ थी.

जिस व्यक्ति ने अपने पास ये छड़ें रखी थी उसके पास इसका लाइसेंस तो था लेकिन विस्फोटक तय मात्रा से ज़्यादा था.

घटना के बाद से वह व्यक्ति अपने परिवार के साथ फ़रार है.

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