मांझी के बेटे से पूछताछ, बॉन्ड के बाद छोड़ा

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे को रविवार को पुलिस ने जहानाबाद में पूछताछ के बाद छोड़ दिया है.

जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार ने बीबीसी को बताया, "बिहार में आचार संहिता लगी हुई है और आप पचास हज़ार से ज़्यादा धनराशि नहीं ले जा सकते. प्रवीण मांझी के पास से 4.65 लाख रुपए मिले. इसलिए उनसे पूछताछ की गई."

उन्होंने बताया, "प्रवीण मांझी से आयकर विभाग के अधिकारियों ने पूछताछ की है. पैसा ज़ब्त कर लिया गया है. रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपी जाएगी. प्रवीण मांझी को बॉन्ड भरवाने के बाद छोड़ दिया गया है."

बिहार पुलिस के साथ आयकर विभाग ने विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव में काले धन के इस्तेमाल पर सख्ती बरतने के लिए कार्रवाई तेज़ कर दी है.

वहीं जीतनराम मांझी के हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रवक्ता दानिश रिज़वान ने कहा, "रूटीन जांच में दोपहर डेढ़ बजे गाड़ी पकड़ी गई थी जिसमें चार लाख पैंसठ हज़ार रुपए थे. नीतीश सरकार जीतन राम मांझी के परिवार पर निगरानी रख रही है."

मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा (हम) के साथ एनडीए के साथ बिहार विधानसभा चुनाव में उतर रही है. लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है.

मांझी की माँग

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एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर शनिवार को सहमति बनने की बात कही गई थी लेकिन फिर जीतन राम मांझी की पार्टी ने कहा कि वो राम विलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी से कम सीटों पर नहीं लड़ेगी.

जीतन राम मांझी का सफर

जीतन राम मांझी जहानाबाद ज़िले की मखदूमपुर सीट से जेडीयू के टिकट पर विधायक थे.

पिछले साल लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए अति पिछड़ा वर्ग के जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था.

लेकिन विवादों के बाद मांझी को पद से हटाकर नीतीश कुमार दोबारा मुख्यमंत्री बन गए.

इसके बाद मांझी ने जेडीयू के असंतुष्ट नेताओं के साथ मिलकर नई पार्टी बनाकर चुनाव के लिए एनडीए का दामन थाम लिया.

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