झारखंडः मां-बेटी की हत्या

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झारखंड के आदिवासी बहुल खूंटी ज़िले के कुलीपीड़ी गांव में एक महिला और उनकी बेटी की हत्या कर दी गई है.

दोनों महिलाएं आदिवासी हैं. खूंटी के पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने बताया है कि कुछ साल पहले दोनों मां- बेटी को डायन बताकर प्रताड़ित भी किया गया था

तब दोनों की पिटाई को लेकर उनके घर वालों ने मामला भी दर्ज़ कराया था.

पुलिस के मुताबिक मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुताबिक तफ़्तीश जारी है और फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं की जा सकी है.

महिला के पति ने पुलिस को ज़मीन विवाद की भी जानकारी दी है, लिहाजा अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सकती है.

धारधार हथियार से हत्या

महिला के पति नयन मुंडा ने पुलिस को जानकारी दी है कि मां- बेटी एक कमरे में सोई थीं.

वह बगल के घर में थे. इस बीच धारधार हथियार से उनकी हत्या कर दी गई. उनकी बेटी इन दिनों बीमार चल रही थी.

डायन के आरोप में प्रताड़ित इस आदिवासी परिवार को समाज से बाहर भी कर दिया गया था. उनपर गांववालों ने जुर्माना भी लगाया था.

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ग्रामीणों के इस रवैये से आहत नयन मुंडा के बेटे गांव से बाहर जाकर पढ़ाई कर रहे थे. घटना की जानकारी मिलने के बाद वे गांव पहुंचे हैं.

हत्या की इस घटना के बाद पुलिस ने शव उठाने में ग्रामीणों से मदद भी मांगी लेकिन किसी ने शव पर हाथ नहीं लगाया. ना ही किसी ने पुलिस को कोई जानकारी दी.

सिलसिला जारी

झारखंड में डायन-बिसाही, जादू-टोना के आरोप में हत्या का सिलसिला जारी है.

पिछले 14 अगस्त को लोहरदगा ज़िले में लोगों ने दो आदिवासियों की पंचायत बैठाकर हत्या कर दी गई थी.

आठ अगस्त को रांची के मांडर में पांच आदिवासी महिलाओं की डायन के आरोप मे हत्या कर दी गई थी.

झारखंड पुलिस विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस साल के 14 अगस्त तक राज्य में डायन-बिसाही के आरोप में 32 लोगों की हत्या की गई है.

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