बैटरी बचाने के इस तरीके को भी परख लीजिए

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एंड्रॉयड फ़ोन इस्तेमाल करने वाला शायद ही कोई होगा जो बैटरी की खपत की रफ़्तार से परेशान नहीं होगा.

जब आपके फ़ोन पर कुछ ऐप हैं जो हर समय डेटा का इस्तेमाल करते हैं तो बैटरी की खपत की रफ़्तार ज़्यादा तो होगा ही.

'हश' नाम का टूल है जो आपके स्मार्टफोन की बैटरी बचा सकता है.

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हश टूल आपके फ़ोन इस्तेमाल करने के ढंग से समझ जाता है कि आप कौन से ऐप सबसे ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं और कौन से नहीं के बराबर या बिल्कुल नहीं इस्तेमाल करते हैं.

जब फ़ोन स्लीप मोड में होता है तो जो कम इस्तेमाल वाले ऐप हैं उन्हें ये टूल बंद कर देता है.

पर्ड्यू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर चार्ली हू का कहना है कि जब फ़ोन स्लीप मोड में होता है तो बैटरी की खपत नहीं के बराबर होती है.

यूनिवर्सिटी की ओर से प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार ऐसा करके हश ऐप फ़ोन की करीब 16 फीसदी बैटरी बचाता है.

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आम तौर पर जो ऐप फ़ोन के डेटा की खपत करते रहते हैं वो स्लीप मोड मोड में भी फ़ोन की बैटरी खाते रहते हैं. इन ऐप हर थोड़ी देर पर अपने आप को अपडेट करते रहना पड़ता है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि फ़ोन की स्क्रीन बंद होने के बाद भी इस तरह के ऐप 28.9 प्रतिशत बैटरी की खपत के लिए ज़िम्मेदार होते हैं.

जब आप ऐप डाउनलोड करते हैं तो अपने कुछ ऐप को अपने लोकेशन की जानकारी की भी इजाज़त दी हुई है इसलिए सॉफ्टवेयर ये अपडेट हर थोड़ी देर पर करता रहता है.

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गूगल और ऐपल अपने नए स्मार्टफोन में 'लो पावर' मोड या 'पावर सेविंग' मोड पर काम करने का भी विकल्प दिया है.

बैटरी टेक्नोलॉजी में सुधार नहीं होने के कारण अब कंपनियां बैटरी बचाने की तरह-तरह की कोशिश कर रही हैं.

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