बलात्कार मामले में सज़ा मिले : नेपाली राजदूत

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गुड़गांव में कथित रेप मामले में सऊदी राजनयिक के भारत छोड़ने पर भारत में नेपाल के राजदूत ने कहा है कि विएना कन्वेंशन पर फिर से ग़ौर करने की ज़रूरत है.

भारत में नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि दोषी को सज़ा तो मिलनी ही चाहिए.

दीप उपाध्याय ने कहा, ''यह मानवता पर कलंक है, और इसमें पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए.''

सऊदी अरब के राजनयिक पर दो नेपाली महिलाओं ने अग़वा करने और दिल्ली से सटे गुड़गांव में उनके साथ बार-बार बलात्कार का आरोप लगाया गया है.

सज़ा तो मिलनी चाहिए

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Image caption 30 अप्रैल 2015 को दीप उप्ध्याय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ.

नेपाली राजदूत ने उम्मीद जताई है कि सऊदी सरकार के साथ मिल कर भारत सरकार और नेपाल सरकार राजनयिक स्तर पर इस विषय पर काम करेंगे.

उन्होंने कहा, "विएना कन्वेंशन के तहत राजनयिकों को जो संरक्षण प्रदान किया गया है, उस पर दोबारा सोचने की ज़रूरत है ताकि तय किया जा सके कि किस तरह की घटना पर इम्यूनिटी मिलने की ज़रूरत है और किसमें नहीं."

दीप उपाध्याय का मानना है कि सउदी क़ानून के तहत हो या भारतीय क़ानून के तहत, अपराध और अपराधी हैं तो सज़ा तो मिलनी ही चाहिए.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, ''हम प्रयास कर रहे हैं, भारत सरकार भी प्रयास करेगी. यहां भी कोर्ट में कार्यवाही चल रही है.''

उन्होंने बताया कि वे भारत के विदेश मंत्रालय से संपर्क में हैं और अभियोजन पक्ष पर नज़र बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.

इस मामले में नाम आने वाले सऊदी अरब के राजनयिक ने भारत छोड़ दिया है.

(नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय से बीबीसी संवाददाता मोहनलाल शर्मा की बातचीत पर आधारित)

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