'शास्त्री की मौत से जुड़े काग़ज़ात सार्वजनिक हों'

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Image caption मौत से पहले ताशकंद मे सोवियत संघ के प्रधानमंत्री अलेक्सी कोसीजिन और पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब ख़ान के साथ शास्त्री.

लाल बहादुर शास्त्री के बेटे और कांग्रेस नेता अनिल शास्त्री ने मांग की है कि उनके पिता की मौत से जुड़े काग़ज़ात सार्वजनिक किए जाएं.

बीबीसी से हुई बातचीत में शास्त्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की मौत से जुड़े काग़जात डीक्लासीफ़ाई कर दिए जााएं ताकि आम जनता को यह पता चल सके कि उनकी मौत किन स्थितियों में हुई थी.

उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री की मौत के समय ही कुछ लोगों ने संदेह जताया था. इनमें उनकी मां भी शामिल थीं.

शक के दायरे में मौत

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Image caption लाल किले से भाषण देते प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री.

अनिल शास्त्री के मुताबिक़ इसकी कई ठोस वजहें थी -जैसे कि लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद उनका पूरा चेहरा नीला हो गया था, उनके मुंह पर सफ़ेद धब्बे पाए गए थे.

अनिल शास्त्री ने कहा, "उनके पास हमेशा रहने वाली लाल डायरी गायब थी. वह थर्मस भी नहीं पाया गया था जो शास्त्रीजी जी हमेशा अपने पास रखते थे. इसके अलावा शास्त्रीजी के शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया था."

अनिल शास्त्री कहते हैं कि देश में कई लोगों ने शास्त्रीजी की मौत पर सवाल उठाया था और मीडिया में यह बात छाई रही थी कि उनकी मौत संदेहजनक स्थितियों में हुई.

जानकारी देने से इंकार

अनिल शास्त्री के मुताबिक, तक़रीबन पांच साल पहले किसी ने आरटीआई डाल कर सरकार से पूछा था कि शास्त्री की मौत से जुड़े काग़ज़ात सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा सकते.

सरकार ने इसके जवाब में कहा था कि ऐसा करने से किसी देश से दोस्ताना रिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है और ये काग़ज़ात डीक्लासीफ़ाई नहीं किए जा सकते.

'कुछ छुपाना चाहती है सरकार'

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Image caption लाल बहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री.

अनिल शास्त्री का कहना है कि इससे लोगों के शक को और बल मिला और साफ़ हो गया कि सरकार कुछ छुपाना चाहती है.

उनका तर्क है कि जब पश्चिम बंगाल सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े काग़ज़ात सार्वनजिक कर सकती है, तो केंद्र सरकार को भी शास्त्री की मौत से जुड़ी जानकारी लोगों को देनी चाहिए.

पर उन्होंने यह भी साफ़ किया कि वे ख़ुद प्रधानमंत्री से मिल कर कोई मांग नहीं करेंगे.

अनिल शास्त्री ने कहा कि उनके भाई सुनील शास्त्री भारतीय जनता पार्टी मे हैं और वे ऐसा कर सकते हैं.

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