नरेंद्र मोदी के अमरीका दौरे की ख़ास बातें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिन की आयरलैंड-अमरीका यात्रा पूरी कर भारत रवाना हो चुके हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है. उन्होंने प्रधानमंत्री की इस यात्रा को असाधारण बताया.

अमरीका यात्रा का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, '' मेरी अमरीका यात्रा ने हमारे संबंधों की प्रगाढ़ता और विविधता को प्रदर्शित किया.'' प्रधानमंत्री ने मेहमानवाज़ी के लिए अमरीकी जनता का आभार जताया.

यात्रा की शुरुआत

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प्रधानमंत्री ने यात्रा की शुरुआत आयरलैंड से की थी. वहां से वो अमरीका पहुंचे थे. अमरीका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र और जी 4 के सम्मेलन को संबोधित करने के आलावा दुनिया की दिग्गज कंपनियों के सीईओ से मुलाक़ात के अलावा टेस्ला मोटर्स, फ़ेसबुक और गूगल के मुख्यालय का दौरा भी किया. उन्होंने सैन जोसे में भारतीय समुदाय को संबोधित भी किया.

अमरीका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने न्यूयार्क में दुनिया की दिग्गज कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से मुलाक़ात की थी.

प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद में समयबद्ध सुधार कार्यक्रम चलाने पर ज़ोर दिया.

मोदी ने न्यूयॉर्क में जापान, जर्मनी, ब्राज़ील और भारत की सदस्यता वाले जी-4 देशों के एक विशेष सम्मेलन को संबोधित किया.

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इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, दुनिया की सबसे बड़ी ऑटो अर्थव्यवस्था और सभी महाद्वीपों की प्रमुख आवाज़ों को सुरक्षा परिषद में जगह मिलनी चाहिए.

जी-4 के देश सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे का समर्थन करते हैं.

दिग्गज़ों से मुलाक़ात

न्यूयार्क के बाद प्रधानमंत्री कैलिफ़ोर्निया पहुंचे जहां, उन्होंने इलेक्ट्रीक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला का दौरा किया. उन्होंने सिलिकॉन वैली में तकनीकी की दुनिया की दिग्गज कंपनियों के सीईओ से मुलाक़ात की.

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प्रधानमंत्री सोशल मीडिया वेबसाइट फ़ेसबुक और गूगल के मुख्यालय भी गए.

फ़ेसबुक मुख्यालय में उन्होंने कंपनी के प्रमुख मार्क ज़करबर्ग के साथ सवाल-जवाब सत्र में भाग लिया. इस दौरान माँ को लेकर ज़करबर्ग के एक सवाल पर प्रधानमंत्री काफी भावुक हो गए.

गूगल के मुख्यालय में कंपनी के सीईओ सुंदर पिचई ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया. इस दौरान गूगल ने घोषणा की कि वह भारत के सौ रेलवे स्टेशनों पर वाई-फ़ाई की सुविधा देगा.

प्रधानमंत्री ने रविवार को सैन होज़े के स्पोर्ट्स ऑडिटोरियम सैप सेंटर में अपने लिए आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित किया. क़रीब 18 हज़ार लोगों की मौज़ूदगी में प्रधानमंत्री ने आंतकवाद और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाया.

यात्रा और विवाद

यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री ने न्यूयॉर्क में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत कई देशों के प्रमुखों से मुलाक़ात की. इनमें ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद और फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास प्रमुख हैं.

प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान विवाद भी हुए. न्यूयार्क में सीईओ से मुलाक़ात के बाद मशहूर शेफ विकास खन्ना को सौंपे गए ऑटोग्राफ़ वाले कथित तिरंगे को लेकर सोशल मीडिया पर ख़ासा हंगामा मचा. कुछ लोगों ने इस कपड़े पर प्रधानमंत्री के दस्तख़त को राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताया. बाद में सरकार ने कहा कि वह कपड़ा राष्ट्रीय ध्वज नहीं था.

वहीं कांग्रेस ने विदेशों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों पर हो रहे ख़र्चे और पैसे के स्रोत सार्वजनिक करने की मांग की.

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