'शिवराज उधार लेकर घी पी रहे हैं'

व्यापमं घोटाले को लेकर विवादों में रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जल्द ही सत्ता में अपने दस साल पूरे करने का जश्न मनाने जा रहे हैं.

हालांकि उनके विरोधी इसे 'उधार लेकर घी पीने' की संज्ञा दे रहे हैं.

उधार लेने का इशारा छह हज़ार करोड़ रुपए के कर्ज़ की तरफ़ है जो राज्य सरकार ने पिछले छह महीने के दौरान लिया है.

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि सरकार को अपनी उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने का पूरा हक़ है और किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए कर्ज़ लेना नई बात नहीं है.

पढ़िए विस्तार से

पिछले दिनों राज्य के आला अफ़सरों से वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सत्ता में अपने दस सालों के जश्न को नाम दिया- "दस साल-बेमिसाल."

अधिकारियों से कहा गया कि वे शिवराज सरकार की दस साल की उपलब्धियों का ब्यौरा इकट्ठा करें और अगले दस साल क्या करने वाले हैं, इसका विज़न डॉक्यूमेंट जनता के सामने पेश करें.

इसके लिए घर-घर बांटने के लिए कोई लगभग 4 करोड़ पर्चे छपवाए जा रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट AP

कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि जश्न का बजट लगभग 25 करोड़ रुपए रखा गया है.

बताया जाता है कि ये उत्सव एक नवंबर से 29 नवंबर तक चलेगा. इस दौरान ग्राम, जनपद और जिला पंचायत स्तर पर कार्यक्रम होंगे.

भोपाल में 29 तारीख को मुख्य जलसा होगा, इसी दिन 2005 में शिवराज ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

मोदी से बराबरी?

बताया जाता है कि इस मौक़े पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी को सुनिश्चित करने की कोशिशें भी की जा रही हैं, ताकि शिवराज के नेतृत्व पर मुहर लग सके.

इमेज कॉपीरइट PTI

लेकिन विपक्षी कांग्रेस का कहना है कि इस आयोजन के ज़रिए मुख्यमंत्री अपनी छवि चमकाने पर करोड़ों रुपए ख़र्च करने जा रहे हैं ताकि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बराबरी कर सकें.

राज्य कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि राज्य के पुनर्गठन से पहले संयुक्त मध्य प्रदेश पर 33 हजार करोड़ का कर्ज़ था जो अब बढ़ कर लगभग डेढ लाख करोड़ रुपए हो गया है.

उन्होंने कहा, "शिवराज सरकार न सिर्फ़ उधार लेकर घी पी रही है बल्कि जनता की आहों पर काली पट्टी भी बांध रही है."

कांग्रेस प्रवक्ता शिवराज सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए उनके दस साल के कार्यकाल में अरबों रुपए के घोटालों का आरोप लगाते हैं.

शिवराज का ख़तरा टला

वहीं भाजपा प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय कहते हैं कि पार्टी और सरकार को जश्न मनाने का पूरा हक़ है.

वो कहते हैं, "शिवराज लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं. दस साल में राज्य ने हर क्षेत्र में प्रगति की है. आर्थिक हालत मज़बूत हैं. दस साल पहले सूबे का बजट 21 हजार करोड़ था, जो अब लाखों में पहुंच गया है. विकासोन्मुखी अर्थव्यवस्था कर्ज लेती है."

इमेज कॉपीरइट PTI

राजनीति में कब क्या हो जाए, कहा नहीं जा सकता, लेकिन व्यापमं घोटाले की गूंज के बाद शिवराज की कुर्सी पर जो ख़तरा मंडरा रहा था, वो अब टल गया लगता है.

राजनीतिक प्रेक्षक मानते हैं कि शिवराज की हालिया बॉडी लैंग्वेज भी बता रही है कि वह दिग्विजय सिंह का रिकॉर्ड तोड़कर नया इतिहास रचने के लिए आतुर हैं.

व्यापमं से लेकर डीमेट, खनिज, डंपर (इसमें क्लीन चिट मिल गई), दवा खरीद, जमीन आवंटन में गड़बड़ी के तमाम आरोपों के बावजूद शिवराज रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार