ओवैसी ने कहा हत्या साज़िश, मंत्री बोले हादसा

mahesh sharma

पर्यटन मंत्री और नोएडा से बीजेपी सांसद महेश शर्मा ने कहा है कि बिसराड़ा गांव की घटना को कोई पार्टी सांप्रदायिक रंग न दे. इसके साथ ही उन्होंने सीबीआई या राज्य सरकार से इसकी निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को सज़ा दिलवाने की बात कही.

महेश शर्मा शुक्रवार को दादरी के बिसराड़ा गांव में मारे गए अख़लाक के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे थे.

अख़लाक के घर गोमांस बनाए जाने की अफ़वाह पर सोमवार को भीड़ ने हमला कर दिया था और अख़लाक़ की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी. उनके 22 साल के बेटे की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है.

अख़लाक के परिजनों से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए महेश शर्मा ने अपनी बात दोहराई कि अख़लाक़ की मौत एक हादसा था. उन्होंने कहा कि पूरा गांव इस घटना से बेहद दुखी है.

'मंदिर में बैठक'

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Image caption एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने अख़लाक की हत्या को सुनियोजित साज़िश कहा था.

पर्यटन मंत्री ने कहा, "यह हमारी संस्कृति पर एक धब्बा है और किसी सभ्य समाज में ऐसी घटनाओं की कोई जगह नहीं है. अगर कोई कहता है कि यह पूर्व-नियोजित है तो मैं इससे सहमत नहीं हूं."

एआईएमआईएम के नेता असदउद्दीन ओवैसी ने अख़लाक के परिजनों से मिलने के बाद कहा था कि पूर्व नियोजित साज़िश के तहत अख़लाक की हत्या की गई थी.

ओवैसी का ज़िक्र किए बिना महेश शर्मा ने कहा, "यह एक दुर्घटना थी और इसकी जांच सीबीआई या राज्य सरकार की किसी एजेंसी से करवाकर दोषियों को सज़ा देनी चाहिए. जांच के नाम पर निर्दोषों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए."

उन्होंने कहा, "मैं इसे राजनीतिक या सांप्रदायिक रंग देने की किसी भी कोशिश की निंदा करता हूं. ऐसा करने वाले न तो समाज का भला चाहते हैं और न ही देश का."

केंद्रीय मंत्री ने गांव के मंदिर में एक बैठक भी की और कहा कि हिंदू परिवारों ने मुसलमान परिवारों की रक्षा का वायदा किया है.

इस्तीफ़े की मांग

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Image caption उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवज़ा देने का ऐलान किया है.

महेश शर्मा के बयान पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें हटाने की मांग की.

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने महेश शर्मा के इस्ताफे की मांग की है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को 10 लाख़ रुपये का मुआवज़ा देने का ऐलान किया है.

इस घटना से डरे अख़लाक़ के परिजन अब गांव छोड़कर जाने का मन बना रहे हैं. उन्हें डर है कि ऐसी घटनाएं आगे भी दोहराई जा सकती हैं.

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