क्या लालू केवल यादवों के नेता हैं?

बिहार चुनावों पर बीबीसी की विशेष सिरीज़ 'बूझिए ना बिहार को' में हम आपको अगले कुछ दिनों तक राज्य से जुड़े मिथकों और तथ्यों के बारे में बताते रहेंगे.

उदाहरण के तौर पर पहली कड़ी में जानिए कि क्या लालू प्रसाद ही यादवों के सर्वमान्य नेता हैं...

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मौजूदा समय में ये काफी हद तक सच है. लालू यादव को आजकल अपनी ही जाति के लोगों का समर्थन हासिल है. दूसरी जातियों में उनके मतदाता बहुत कम हैं.

लेकिन 1990 के दशक में ऐसा नहीं था. बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद लालू काफी लोकप्रिय नेता थे.

उन्हें कई जातियों का समर्थन हासिल था. 1995 और 2000 में उन्हें कई जातियों का वोट मिला था.

उस दौर में लालू बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए और लोगों के बीच सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले नेता थे.

करीब 20 फ़ीसदी मतदाता उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर पसंद कर रहे थे.

सीएम लालू के समर्थक

मुख्यमंत्री के लिए उन्हें 14 फ़ीसदी राजपूत, 12 फ़ीसदी कायस्थ, 20 फ़ीसदी नाई, 18 फ़ीसदी तेली, 15 फ़ीसदी केवट जाति के लोगों ने पसंद किया था.

इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के 21 फ़ीसदी लोग लालू को मुख्यमंत्री के रूप पर देखना चाहते थे.

दलितों में 18 फ़ीसदी लोग उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते थे. हालांकि सबसे ज़्यादा उन्हें यादव और मुस्लिमों का समर्थन हासिल था.

62 फ़ीसदी यादव और 44 फ़ीसदी मुसलमान उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते थे.

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