'मंदिर में गा सकते हैं, मुंबई में क्यों नहीं'

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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शिवसेना की आपत्ति पर पाकिस्तानी ग़ज़ल गायक ग़ुलाम अली का कार्यक्रम रद्द करने की आलोचना की है.

उन्होंने सवाल किया, "ग़ुलाम अली जब बनारस के संकट मोचन मंदिर में गा सकते हैं तो मुंबई में क्यों नहीं?"

शिवसेना ने मुंबई में इस शुक्रवार को उस्ताद ग़ुलाम अली के प्रस्तावित संगीत कार्यक्रम को रोके जाने की धमकी दी थी.

शिवसेना की इकाई 'चित्रपट सेना' के महासचिव अक्षय बर्दापुरकरने ने बीबीसी को बताया कि शिवसेना के विरोध के बाद आयोजकों ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से बुधवार शाम मुलाक़ात की.

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लगभग दो घंटे तक चली बैठक के बाद आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा कर दी.

दिग्विजय ने ट्वीट किया, "शिवसेना भारतीय तालिबान बनना चाहती है."

उन्होंने कहा, "क्या शिवसेना हमारे धर्म की बनारस के ब्राह्मणों से बड़ी पहरेदार है? वो और भाजपा/संघ राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं."

'नाराज़ नहीं, आहत हूँ'

उधर, पाकिस्तानी ग़ज़ल गायक ग़ुलाम अली ने कहा है कि शिवसेना की धमकी के बाद मुंबई में कार्यक्रम रद्द होने से वह नाराज़ नहीं हैं, लेकिन आहत ज़रूर हैं.

ग़ुलाम अली ने समाचार चैनलों से कहा, "मैं नाराज़ नहीं हूं, लेकिन बेहद आहत हूँ. मुझे भारत में हमेशा प्यार मिला है."

उन्होंने कहा, "ये कार्यक्रम ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया गया था, जो कि मेरे लिए भाई की तरह थे."

ग़ुलाम अली ने कहा, "इस तरह के विवाद संगीत के सुरों को ख़राब करते हैं."

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इससे पहले, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने ग़ुलाम अली को पूरी सुरक्षा देने का आश्वासन दिया था.

उन्होंने कहा था कि भारत के कलाकार भी पाकिस्तान जाकर कार्यक्रम करते हैं इसलिए कला और राजनीति को नहीं जोड़ना चाहिए.

उनके आश्वासन के बावजूद आयोजकों ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया.

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