दूसरे चरण का मतदान, मांझी मैदान में

बिहार में दूसरे चरण के मतदान के दौरान आज छह ज़िलों में मतदान जारी है. चुनाव आयोग के मुताबिक सुबह 11 बजे तक 29.92 फ़ीसदी मतदान हुआ है.

आज सात बजे से शुरु हुए मतदान में कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद और गया ज़िलों की 32 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता सलमान रावी इमामगंज में मौजूद हैं. सुबह सुबह मतदान करने आए वोटर राकेश गोस्वामी ने बीबीसी को बताया, "काफ़ी उत्साह है. इसलिए सुबह छह बजे से ही लोग क़तार में खड़े हैं."

सलमान रावी के मुताबिक औरंगाबाद में कुछ बूथों पर माओवादियों के बहिष्कार का असर देखा गया है. लेकिन बाक़ी जगह मतदाताओं में जोश है और सुबह 11 बजे भी बूथों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं.

उनके मुताबिक कुछ बूथों पर ईवीएम में ख़राबी की रिपोर्टों हैं, इसके अलावा बाक़ी सब शांतिपू्र्ण है.

दूसरे चरण में कुल 456 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 32 महिलाएं हैं.

प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (इमामगंज और मख़्दूमपुर से), विधानसभा स्पीकर उदय नारायण चौधरी और भाजपा नेता प्रेम कुमार.

बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि रात में पुलिस पर फ़ायरिंग के बाद से सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है.

उन्होंने बताया, "नक्सलियों ने चुनाव का बहिष्कार किया है. अंदरूनी इलाक़ों में उतनी तादाद में बल तैनात नहीं हैं लेकिन मुख्य मार्गों पर चप्पे-चप्पे पर सशस्त्र बल दिखाई दे रहे हैं."

नक्सल प्रभावित इलाक़े

11 सीटों पर मतदान दिन में तीन बजे ख़त्म हो जाएगा जबकि 12 अन्य पर 4 बजे तक वोटिंग होगी. बाक़ी नौ सीटों पर शाम पांच बजे तक वोट डाले जा सकेंगे. नक्सल प्रभावित ज़िलों में मतदान सुनिश्चित कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के बेहद कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.

पटना जोन के आईजी कुंदन कृष्णनन ने बीबीसी को बताया 32 में से बीस सीटें अति संवेदनशील हैं. उन्होंने कहा, "बूथ पर जाने वाले हर रास्ते की हम निगरानी कर रहे हैं. हेलीकॉप्टरों के ज़रिए हम निगरानी कर रहे हैं. यह हमारे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण चरण हैं और हम हर संभव सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करा रहे हैं."

पुलिस भले ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का दावा कर रही है लेकिन इमामगंज में मौजूद बीबीसी संवाददाता सलमान रावी से एक पिता, जिनके बेटे को पोलिंग अधिकारी बनाया गया है, ने बताया कि उनके बेटे को सुरक्षा बल पोलिंग बूथ पर अकेले छोड़ कर चले गए हैं और उन्हें काफ़ी डर लग रहा है.

सुरक्षा इंतज़ाम

86,13,870 मतदाताओं के लिए 9,119 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं.

दूसरे चरण के लिए केंद्रीय पैरा मिलिट्री बलों की 993 कंपनियां तैनात की गई हैं. गया ज़िले में 334 कंपनी, रोहतास में 201 और औरंगबादा में 193 कंपनियां तैनात की गई हैं.

सशस्त्र बल सोन नदी में नावों के ज़रिए भी निगरानी कर रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार