पंजाब में तनाव, अहम सवालों के जवाब

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पंजाब में कई जगहों पर सिखों के धार्मिक ग्रंथ गुरुग्रंथ साहिब के साथ छेड़छाड़ के मामले सामने आने के बाद तनाव है.

जहां विपक्षी दल राज्य सराकर पर नाकामी के आरोप लगा रहे हैं, वहीं सुरक्षा बलों के सामने क़ानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है.

एक नज़र इस मामले से जुड़े कुछ अहम सवालों पर:

कहां कहां मामले दर्ज हुए?

पुलिस ने जंदीआला, लुधियाना, तरन तारन और कोट कपावड़ा, इन चार शहरों में मामले दर्ज किए हैं.

पुलिस का कहना है कि मामलों की जांच हो रही है. उनका दावा है कि उन्होंने जंदीआला और लुधियाना में मामले को सुलझा लिया है.

पुलिस का यह भी दावा है कि दो अन्य मामलों में भी उन्हें अहम सुराग हाथ लगा है.

प्रदर्शनकारियों में कौन कौन शामिल?

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इन घटनाओं के विरोध में पूरे राज्य में सिखों के कई समूह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

विरोध करने वाले ज़्यादातर सिखों के असंगठित समूह हैं. इनमें सत्कार कमेटी, गटका कमेटी, संत समाज के कुछ गुट, और कुछ कट्टर सिख संगठन जैसे दमदमी टकसाल और अजनाला गुट शामिल हैं.

इनकी मांग है कि साजिशकर्ताओं को पकड़ा जाए और पुलिस कार्रवाई में मारे गए दो सिखों के परिजनों को मुआवज़ा दिया जाए.

कितने हाईवे रोके गए?

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विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई हाईवे घंटों तक बंद रखे.

संगरूर में प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-हिसार हाईवे और लुधियाना में हाईवे को कुछ घंटों तक बंद कर रखा था.

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर व्यास पुल, अमृतसर शहर में जाने का रास्ता, तरन तारन को श्रीगंगा नगर से जोड़ने वाले हरिके पातेन पुल और गोवेंडवाल साहिब में जालंधर से जोड़ने वाले पुल को बंद कर दिया था.

हालांकि रेलवे पटरी पर अभी तक कोई बाधा उत्पन्न नहीं की गई है.

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सियासी दलों ने क्या कहा?

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मौजूदा हालात के लिए राज्य सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है. वो कहते हैं कि सरकार पंजाब की जनता को गवर्नेंस देने में नाकाम साबित हुई है. वो विरोध प्रदर्शनों का समर्थन कर रहे हैं.

आम आदमी पार्टी के सांसद भगवत मान ने पंजाब में राष्ट्रपति शासन की मांग की है. उन्होंने संगरूर में हाईवे पर धरना भी दिया.

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लोगों से शांति कायम रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करने वालों को जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.

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